7 साल पहले नोएडा में ऐसा क्या हुआ कि पति को हुई उम्र कैद, जानें कैसे कटेगा उसका जीवन

Noida News : 7 साल पहले अपनी पत्नी की हत्या करने वाले पति राजू उर्फ अब्बास उर्फ असलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अब उसका पूरा जीवन जेल में ही कटेगा। उसने चरित्र पर शक करने के चलते अपने पत्नी की हत्या कर दी थी।

Greater Noida Case

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Noida News : जिला न्यायालय गौतमबुद्ध नगर में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 10 हज़ार का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना की रकम नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास काटना होगा। यह मामला वर्ष 2018 में नोएडा की सेक्टर 20 कोतवाली क्षेत्र के हरौला में हुआ था। इसमें अब 20 जून को निर्णय आया है।

पत्नी ने किया था दूसरा प्रेम विवाह

4 अगस्त 2018 को शाहरुख खान ने सेक्टर 20 कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बहन रूबी की शादी पहले रफीक से हुई थी। बाद में वह उसको छोड़कर राजू उर्फ अब्बास उर्फ असलम के साथ प्रेम विवाह करके हरौला गांव में रहने लगी। दोनों का एक पुत्र भी है। राजू उर्फ अब्बास को शक था कि रूबी अपने पूर्व पति रफीक से मिलती है। दोनों के बीच इस बात को लेकर कई बार झगड़ा हुआ था। राजू इस बात को लेकर पत्नी पर शक करता था।

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चाकू से किया हमला

पत्नी पर शक करने के दौरान आरोपी ने उसके चरित्र को लेकर कई बार टिप्पणी की। इसी को लेकर 4 अगस्त को दोनों का विवाद हुआ और आरोपी राजू उर्फ अब्बास उर्फ असलम ने पत्नी रूबी पर चाकू से एक के बाद एक कई वार कर दिए। इस हमले में रूबी की मौत हो गई। हत्या की यह घटना रूबी की मां जमीला खातून और भांजे राजन ने अपनी आंखों से देखी।

11 गवाह कोर्ट में हुए पेश

पुलिस ने इस मामले में आरोपी राजू को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। करीब 7 साल तक कोर्ट में मामले की सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाह कोर्ट में पेश हुए। गवाह एवं साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने राजू उर्फ अब्बास उर्फ असलम को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। केस में रूबी की मां और भांजे की गवाही को सबसे अहम माना गया है।

नहीं आया था तरस

रूबी की मां और भांजे ने कोर्ट में गवाही देने के दौरान कहा कि राजू ने जब पत्नी पर हमला किया तो वह चीखती चिल्लाती रही, लेकिन उसको तरस नहीं आया। उसने लगातार चाकू से वार किया और रूबी की जान चली गई। दोनों चश्मदीद की गवाही इस मामले में सबसे अहम साक्ष्य बनी है।

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मजबूत पैरवी आई काम

गौतमबुद्ध कमिश्नरेट पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने ऑपरेशन कनविक्शन के तहत इस मामले में मजबूत पैरवी की। कई बार पीड़ित पक्ष पर आरोपी पक्ष ने समझौता करने का दबाव बनाया, लेकिन पुलिस के चलते इस मामले में मजबूत पैरवी हो सकी। पत्नी की हत्या करने वाले को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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