नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है. एक पुरानी कहावत है "मांगेंगे राम से, अगर नहीं देंगे तो दशरथ से लड़कर लेंगे." स्थानीय लोग वर्षों से एक रेलवे स्टेशन की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें 'बोनान्ज़ा ऑफर' के रूप में सीधा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ही दे दिया है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक भव्य कार्यक्रम में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश की जनता को समर्पित करेंगे.

5 सुरक्षा चक्रों में सिमटा एयरपोर्ट

प्रधानमंत्री के आगमन और एयरपोर्ट की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पूरे परिसर को 5 सुरक्षा चक्रों में बांटा गया है. एयरपोर्ट की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा की कमान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी गई है. करीब 1047 CISF जवान नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. इसे देश के सबसे सुरक्षित एयरपोर्ट्स में शामिल करने की तैयारी की जा रही है.

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AI और हाई-टेक तकनीक का पहरा

सीआईएसफ के साथ ही इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत यहां का डिजिटल सुरक्षा तंत्र है. जवानों के साथ-साथ अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी सुरक्षा की निगरानी करेगी. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सामान की जांच के लिए अत्याधुनिक 3D एक्स-रे बैगेज स्कैनर, विस्फोटक पहचान प्रणाली (EDS) और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम लगाए गए हैं. इससे यात्रियों की जांच न केवल तेज होगी, बल्कि पूरी तरह सटीक भी रहेगी.

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साइबर खतरों से निपटने के लिए अभेद्य दीवार

आज के दौर में शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा भी बड़ी चुनौती है. इसे देखते हुए एयरपोर्ट के पूरे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को एक मजबूत साइबर सिक्योरिटी नेटवर्क से लैस किया गया है, ताकि डेटा चोरी या हैकिंग जैसी घटनाओं को शून्य किया जा सके. CISF के आईजी ने न्यूज़ 24 से खास बातचीत में बताया कि जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा देश के अन्य एयरपोर्ट्स की तुलना में कहीं ज्यादा हाईटेक है. आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो और क्विक रिएक्शन टीमें हर आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे तैनात रहेंगी.