उत्तर प्रदेश की योगी सरकार नोएडा के जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ा फैसला किया है. योगी सरकार ने फैसला किया है कि जेवर एयरपोर्ट का नाम अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर होगा. अब जेवर एयरपोर्ट ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था. 15 जून को लखनऊ से आए इंडिगो के विमान के साथ यहां पहली फ्लाइट लैंड हुई थी.
मीडिया से बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी कैबिनेट एयरपोर्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रगुजार है. उन्होंने इस एयरपोर्ट को यूपी के लिए बड़ा तोहफा बताया है.
उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश की कैबिनेट राज्य को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का तोहफा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती है. कैबिनेट ने इसका नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.’
उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और देश का एक बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है.
इस एयरपोर्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया है. यह स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सब्सिडियरी है. इसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के साथ मिलकर बनाया गया है.
11,282 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट के पहले चरण में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की शुरुआती क्षमता है. इसे कुछ वर्षों में बढ़ाकर 7 करोड़ तक किया जा सकता है. इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है. इसके साथ ही इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम भी लगे हैं.
इस एयरपोर्ट को एक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर तैयार किया गया है. वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के अलावा इस एयरपोर्ट को यात्रियों और इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्लोबल लेवल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक हाई-टेक किले की तरह बनाया गया है. जेवर में बने सिंगल रनवे पर दोनों सिरों पर ILS लगाया गया है. इससे हवा की स्थिति के आधार पर विमान किसी भी दिशा से आ सकते हैं.