मुख्य बिंदु

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 1 जुलाई से रोजाना 40–45 फ्लाइट तक विस्तार करेगा.
  • जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी अब 16–17 डोमेस्टिक डेस्टिनेशंस से होगी.
  • किफायती एसी ई-बस सर्विस अवेलेबल है, जबकि कनेक्टिविटी में सुधार जारी है.
  • इंटरनेशनल फ्लाइट इंफ्रास्ट्रक्चर के साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है.
  • टर्मिनल का विस्तार तब शुरू होगा जब यात्रियों की संख्या मौजूदा क्षमता के 80% तक पहुंच जाएगी.

Noida International Airport Expansion: 15 जून को कमर्शियल लॉन्च के बाद शुरुआती दौर की कामयाबी को देखते हुए, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 1 जुलाई से अपनी फ्लाइट सर्विस को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. एयरपोर्ट अथॉरिटी का प्लान है कि रोजाना की सर्विस को मौजूदा 12 फ्लाइट से बढ़ाकर तकरीबन 40–45 फ्लाइट किया जाए, जिससे पैसेंजर 16–17 डोमेस्टिक डेस्टिनेशंस तक पहुंच सकें.

अब तक कहां के लिए सर्विस?

अभी इंडिगो और आकासा एयर नोएडा और 5 शहरों- नवी मुंबई, जम्मू, अमृतसर, हैदराबाद और बेंगलुरु के बीच फ्लाइट चलाती हैं. एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि सर्विस बढ़ाने से पहले, शुरुआती दस दिनों में मुख्य रूप से ऑपरेशन को स्थिर करने, तकनीकी दिक्कतों को दूर करने और यात्रियों को बेहतर एक्सपीरिएंस देने पर ध्यान दिया गया.

इन शहरों तक डायरेक्ट फ्लाइट

अगले महीने से मुसाफिरों को कई और जगहों के लिए सीधी फ्लाइट मिलेंगी, जिनमें मुंबई, श्रीनगर, बरेली, भोपाल, देहरादून, धर्मशाला, चंडीगढ़, जयपुर, जोधपुर, किशनगढ़, लखनऊ, पंतनगर और अन्य शामिल हैं. फ्लाइट का शेड्यूल भी ज्यादा सुविधाजनक होगा, जिसमें अर्ली अराइवल और लेट डिपार्चर शामिल है.

महंगी ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी का क्या?

हालांकि कुछ यात्रियों ने कैब के महंगे किराए और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी की कमी की शिकायत की है, लेकिन एयरपोर्ट अधिकारियों का मानना ​​है कि समय के साथ पहुंच बेहतर होगी. एयरपोर्ट पहले से ही 6-लेन वाले एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है और नोएडा से सस्ती एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बस सर्विस भी अवेलेबल है, जिसका किराया 50 रुपये से शुरू होता है.

टर्मिनल का विस्तार होगा

एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने ये भी कंफर्म किया है कि ऑपरेशन शुरू होने के बाद भी टर्मिनल का काम जारी रहेगा, जैसा कि नए शुरू हुए एयरपोर्ट के मामले में आम बात है. धीरे-धीरे और रिटेल स्टोर, रेस्टोरेंट और यात्रियों के लिए सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं. फ्यूचर को देखते हुए, एयरपोर्ट को और डोमेस्टिक और इंटरनेशनल एयरलाइंस को अट्रैक्ट करने की उम्मीद है. इंटरनेशनल ऑपरेशन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं शामिल हैं, को साल के आखिर तक तैयार करने का टारगेट है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल का भविष्य में विस्तार तब शुरू होगा जब यात्रियों की संख्या इसकी सालाना क्षमता (1.2 करोड़ यात्री) के लगभग 80% तक पहुंच जाएगी. अधिकारियों को उम्मीद है कि भारत का बढ़ता एविएशन मार्केट एयरपोर्ट के लंबे समय के विकास की योजनाओं में मदद करेगा.

निष्कर्ष

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ानों और डेस्टिनेशंस में बड़ी बढ़ोतरी के साथ अपने विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है. हालांकि एयरपोर्ट के बाहर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी में अभी भी सुधार की जरूरत है, लेकिन लॉन्च के बाद से ऑपरेशनल परफॉर्मेंस स्थिर रही है. इंटरनेशनल सर्विसेज, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं और भविष्य में टर्मिनल अपग्रेड की योजनाओं के साथ, इस एयरपोर्ट के उत्तरी भारत में एक अहम एविएशन हब बनने की उम्मीद है.