Noida News: नोएडा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। एक्सप्रेस वे थाना क्षेत्र में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 12 आरोपियों को धर दबोचा गया है। कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को फिशिंग मेल और गिफ्ट वाउचर का लालच देकर बड़े पैमाने पर ठगा जा रहा था। आरोपियों में 2 महिला भी शामिल है। दोनों नगालैंड की रहने वाली है।
17वीं मंजिल पर चल रहा था ठगी का अड्डा
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर नोएडा की जेपी कासमास सोसायटी केे 17वें फ्लोर पर चल रहा था। पिछले तीन महीनों से यह गैंग सक्रिय था। आरोपी अब तक 150 से अधिक अमेरिकी नागरिकों को शिकार बना चुके हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ज्यादातर नॉर्थ ईस्ट भारत से हैं, जिनकी अंग्रेजी बोलचाल अमेरिकी उच्चारण से मेल खाती है। इस वजह से अमेरिकी नागरिक आसानी से इनकी बातों में आ जाते थे।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
आरोपी गूगल ऐप या अन्य प्लेटफॉर्म से विदेशी नागरिकों का डेटा खरीदते थे। इसके बाद उन्हें बड़े पैमाने पर फिशिंग ईमेल भेजे जाते थे, जिनमें गिफ्ट वाउचर जीतने, लोन दिलाने या अन्य आकर्षक ऑफर्स का लालच दिया जाता था। यदि कोई व्यक्ति प्रतिक्रिया देता तो उसे स्काईप या टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क में लाया जाता। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 300 डाॅलर तक की मांग की जाती थी।
ऐसे वसूली जाती थी राशि
यह राशि ऐप्पल ई-बाई या वॉलमार्ट गिफ्ट कार्ड के माध्यम से वसूली जाती थी। बारकोड मिलने के बाद जब तक वह कैश में कन्वर्ट न हो जाए, आरोपी संबंधित व्यक्ति से लगातार संपर्क में रहते थे। रकम कंवर्ट होने के बाद पीड़ित से पूरी तरह संपर्क तोड़ देते थे।
नकली चेक भेज देते थे
कुछ मामलों में जब पीड़ित के पास रूपये नहीं होते तो आरोपी उन्हें नकली चेक भेजते थे। उसको पीड़ित अपने बैंक में जमा कर देता था। यदि बैंक से राशि क्रेडिट हो जाती तो आरोपी तुरंत उसे गिफ्ट कार्ड में बदलवा लेते थे।
इनकी हुई धरपकड़
मुस्तफा शेख (मुख्य सरगना), चिनेवे, दिनेश पाण्डेय, सोहिल अजमिल, उमर सम्सी, कल्पेस शर्मा, आफताब कुरैशी, विडोव, राम सेवक, सत्यनारायण मंडल, थिजनो लुटो, निबूले अकामी