मुख्य जानकारी:

  • नोएडा के 5 सबसे व्यस्त चौराहों और तिराहों पर जाम खत्म करने के लिए नए ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं.
  • इस पूरे प्रोजेक्ट पर नोएडा अथॉरिटी करीब 47 लाख रुपये खर्च कर रही है और यह अगस्त अंत तक पूरा होगा.
  • सेक्टर-37, 45, 107, 168 और सेक्टर-62 के पीएनबी बैंक के पास नए सिग्नल चालू किए जाएंगे.
  • पूरे नोएडा सहित उत्तर प्रदेश में टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर की प्रदूषण जांच 5 से 10 रुपये महंगी हो गई है.
  • बिना वैलिड प्रदूषण सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाने पर वाहन चालकों से 10,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा.

Noida Traffic: नोएडा शहर की व्यस्त और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम को खत्म करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने पांच प्रमुख स्थानों पर नए ट्रैफिक सिग्नल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस पूरी परियोजना पर करीब 47 लाख रुपये का खर्च आएगा और अगस्त 2026 के अंत तक सभी पांचों जगहों पर ये सिग्नल पूरी तरह काम करने लगेंगे. इसके साथ ही नोएडा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में वाहनों की प्रदूषण जांच कराना अब महंगा हो गया है, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के जांच शुल्क में 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है.

नए ट्रैफिक सिग्नल किन 5 जगहों पर लगाए जा रहे हैं?

नोएडा प्राधिकरण ने जिन पांच मुख्य स्थानों को नए ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए चुना है, वहां पिछले एक-डेढ़ साल से स्थानीय लोग लगातार इसकी मांग कर रहे थे. तय योजना के अनुसार पहला सिग्नल सेक्टर-37/29/30 तिराहे पर, दूसरा सेक्टर-44/45 पर, तीसरा सेक्टर-47/107 पर, चौथा सेक्टर-168 लोटस जिंग के पास और पांचवां सिग्नल सेक्टर-62 पीएनबी बैंक के सामने लगाया जाएगा. इन सभी जगहों पर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और कुछ स्थानों पर काम भी शुरू हो चुका है.

सिग्नल न होने से अभी क्या परेशानी आ रही है?

अधिकारियों के मुताबिक जिन जगहों पर नए सिग्नल लगाने का काम शुरू किया गया है, वहां वर्तमान में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के भरोसे चल रही है. जब तक पुलिसकर्मी इन चौराहों और तिराहों पर ड्यूटी पर तैनात रहते हैं, तब तक गाड़ियां सही तरीके से निकलती हैं. लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी वहां से हटते हैं, चारों तरफ से आने वाले वाहनों के कारण व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ जाती है और लोगों को भयंकर जाम का सामना करना पड़ता है.

अगस्त अंत तक कैसे बदलेगी तस्वीर?

नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि सभी पांचों जगहों पर सिविल और तकनीकी काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है. अगले दो महीनों के भीतर खंभे लगाने और लाइटिंग का काम लगभग तैयार कर लिया जाएगा जिसके बाद अगस्त के अंत तक इन्हें आम जनता के लिए चालू कर दिया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इन सिग्नलों के एक्टिव होने के बाद लोग बिना किसी डर या जाम के इन व्यस्त चौराहों को आसानी से पार कर सकेंगे.

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वाहनों की प्रदूषण जांच कितनी महंगी हुई है?

नोएडा में ट्रैफिक सुधारों के बीच वाहन मालिकों की जेब पर एक और वित्तीय बोझ बढ़ गया है. परिवहन विभाग ने सभी तरह के वाहनों के लिए प्रदूषण जांच शुल्क में 5 से 10 रुपये तक की वृद्धि कर दी है. नए नियमों के अनुसार अब पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों की जांच के लिए 65 रुपये की जगह 70 रुपये देने होंगे. वहीं पेट्रोल, एलपीजी या सीएनजी से चलने वाले तिपहिया और चार पहिया वाहनों का शुल्क 85 रुपये से बढ़ाकर अब 90 रुपये कर दिया गया है.

नियम न मानने पर जुर्माने का क्या प्रावधान है?

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि डीजल से चलने वाले भारी और हल्के वाहनों के लिए प्रदूषण जांच शुल्क 120 रुपये निर्धारित किया गया है. जिला प्रशासन ने नोएडा के सभी 194 प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे नई दरों की सूची अपने सेंटर्स पर तुरंत चस्पा करें. इसके साथ ही एआरटीओ प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के सड़क पर गाड़ी चलाने वाले मालिकों पर 10 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

नोएडा नए ट्रैफिक सिग्नल और प्रदूषण जांच की नई दरें (Table):

नए सिग्नल वाले मुख्य सेक्टर्सकुल अनुमानित बजटप्रदूषण जांच का प्रकार (Entities)पुराना शुल्कनया संशोधित शुल्क
सेक्टर-37/29/30, 44/45, 47/107₹47 लाख रुपयेदोपहिया वाहन (पेट्रोल)₹65 रुपये₹70 रुपये
सेक्टर-168 (लोटस जिंग), सेक्टर-62अगस्त 2026 तक चालूतिपहिया/चार पहिया (CNG/पेट्रोल)₹85 रुपये₹90 रुपये
जिले में कुल 194 जांच केंद्र सक्रियबिना PUC जुर्माना: ₹10,000डीजल वाहन (सभी श्रेणी)-₹120 रुपये

निष्कर्ष:

नोएडा प्राधिकरण का 5 नए चौराहों पर सिग्नल लगाना शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक बेहतरीन कदम है, जिससे जनता का कीमती समय बचेगा. हालांकि प्रदूषण जांच महंगी होने से आम वाहन चालकों की जेब पर थोड़ा असर जरूर पड़ेगा. लेकिन भारी जुर्माने और प्रदूषण से बचने के लिए समय पर अपनी गाड़ियों की जांच करवाना और नियमों का पालन करना ही समझदारी है.