खबर की मुख्य बातें:-

  • NHAI ने आदित्य वर्ल्ड सिटी और वेव सिटी का हाईवे से सीधा प्रवेश बंद किया.
  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 110 अवैध कट चिन्हित किए गए हैं.
  • तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए कार्रवाई की गई.
  • बिल्डर प्रबंधन और NHAI के बीच समाधान को लेकर बातचीत जारी है.

दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद इलाके में रहने वाले हजारों फ्लैट खरीदारों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जनसुरक्षा का हवाला देते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) और नेशनल हाईवे-9 (NH-9) से सीधे जुड़ने वाले कई प्रमुख सोसायटियों के रास्तों को अचानक ब्लॉक कर दिया है. इस कड़े एक्शन की वजह से डासना के पास स्थित दो बेहद मशहूर हाई-राइज टाउनशिप- 'आदित्य वर्ल्ड सिटी' और 'वेव सिटी'-का मुख्य हाईवे से सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है. बिना किसी पूर्व चेतावनी के एंट्री गेट बंद होने के कारण सुबह-सुबह दफ्तर, स्कूल और कॉलेज जाने वाले हजारों कामकाजी लोगों और मासूम बच्चों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और पूरे इलाके में भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर NHAI ने उठाया सख्त कदम

हाईवे अथॉरिटी (NHAI) द्वारा की गई इस औचक कार्रवाई के पीछे एक बड़ी कानूनी वजह सामने आ रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों का साफ कहना है कि इन दोनों बड़ी सोसायटियों के बिल्डर और प्रबंधन ने मुख्य हाईवे से सीधे एंट्री और एग्जिट लेने के लिए कोई भी आधिकारिक या कानूनी अनुमति नहीं ली थी. सुप्रीम कोर्ट के कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विभाग ने यूपी गेट से लेकर डासना के बीच पूरे एक्सप्रेसवे स्ट्रेच का एक सघन सर्वे कराया था. इस जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बनाए गए करीब 110 ऐसे रास्तों और अवैध कटों की पहचान की गई है, जो तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे पर बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे थे, और अब इन्हें पूरी तरह बंद करने की योजना बनाई गई है.

लोगों को काटने पड़ रहे हैं लंबे चक्कर

सोमवार की देर रात जब एनएचएआई की टीम ने भारी क्रेन और कंक्रीट के बैरियर ले जाकर आदित्य वर्ल्ड सिटी के मुख्य मार्ग को ब्लॉक कर दिया, तो सोसाइटी के भीतर हड़कंप मच गया. लगभग पूरे एक दिन तक मुख्य प्रवेश मार्ग बंद रहने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि, अचानक रास्ता रोके जाने से स्थानीय लोगों को हाइवे पर आने के लिए कई किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है. रात के समय कुछ आक्रोशित निवासियों ने एकजुट होकर बैरियर को मुख्य रास्ते से हटाकर फिलहाल साइड में कर दिया है.

तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे की थी आशंका

एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं. ऐसे में सोसायटियों या व्यावसायिक मॉल के सामने अचानक अवैध कट आ जाने से तेज रफ्तार गाड़ियों के संतुलन खोने और भीषण सड़क हादसे होने का खतरा चौबीसों घंटे बना रहता था. हाईवे पर यात्रा करने वाले लाखों मुसाफिरों की जान को सुरक्षित रखने और अवैध रूप से बने कनेक्टिविटी पॉइंट को खत्म करने के लिए ही इस पूरे स्ट्रेच को ब्लॉक करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है, जिसके दायरे में आने वाले समय में अन्य प्रतिष्ठान भी आएंगे.

विषयजानकारी
मामलाNHAI ने आदित्य वर्ल्ड सिटी और वेव सिटी का हाईवे कनेक्शन बंद किया
प्रभावित क्षेत्रदिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME), NH-9, डासना (गाजियाबाद)
प्रभावित सोसायटियांआदित्य वर्ल्ड सिटी और वेव सिटी
कार्रवाई का कारणसुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अवैध हाईवे कट बंद करना और सड़क सुरक्षा बढ़ाना
कितने अवैध कट चिन्हितकरीब 110
लोगों पर असरहजारों रेजिडेंट्स को हाईवे तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है
हादसे की वजहतेज रफ्तार वाहनों के बीच अवैध कट से दुर्घटना का खतरा
फिलहाल स्थितिकुछ स्थानों पर बैरियर अस्थायी रूप से हटाए गए, समाधान को लेकर बातचीत जारी
आगे क्या?बिल्डर प्रबंधन और NHAI के बीच स्थायी समाधान तलाशने की प्रक्रिया जारी

स्थाई राहत के लिए बिल्डर और अधिकारी तलाश रहे बीच का रास्ता

हजारों नागरिकों के बढ़ते गुस्से और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल अस्थाई रूप से बैरियर हटाकर रास्तों को आंशिक रूप से खोल दिया है ताकि रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित न हो. इस बीच, वेव सिटी और आदित्य वर्ल्ड सिटी का शीर्ष बिल्डर प्रबंधन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए एनएचएआई के उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क साध रहा है. चूंकि एनएच-9 के इस पूरे बेल्ट पर 50 से अधिक छोटी-बड़ी आवासीय सोसायटियां और वीआईपी कॉम्प्लेक्स स्थित हैं, इसलिए स्थानीय लोग अब सरकार और जिला प्रशासन से एक ऐसी न्यायसंगत और स्थाई नीति (Permanent Policy) बनाने की मांग कर रहे हैं जिससे सुरक्षा भी बनी रहे और जनता को लंबा चक्कर भी न काटना पड़े.

मुख्य निष्कर्ष:- NHAI की यह कार्रवाई हाईवे सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है, लेकिन इससे हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है. अब स्थानीय निवासी और सोसायटी प्रबंधन सुरक्षा और सुविधाजनक आवागमन के बीच संतुलित व स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

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