अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम से छपी पुरानी फर्जी रसीद बुक बरामद हुई है. सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे चोरी के साथ-साथ श्रद्धालुओं को फर्जी रसीद उनसे देकर चंदा भी वसूलते थे. जांच के बाद ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है. बैंक खातों के संचालन के लिए नई संयुक्त हस्ताक्षर व्यवस्था लागू की गई है, गणना स्थल पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं.

वहीं, ट्रस्ट के पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जुड़े पहलुओं की जांच भी तेज हो गई है. इन सबके बीच गोपाल गिरी ने आज चंपत राय से भी मुलाकात की, एसआईटी को लिखे पत्र के बाद चंपत राय की गोपाल गिरी से मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है. फर्जी रसीद से चंदा वसूली के खुलासे ने जांच को नया मोड़ दिया है और अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है.

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बीजेपी और RSS का बड़ा डैमेज कंट्रोल अभियान

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बीजेपी और RSS अब डैमेज कंट्रोल मोड में हैं. यूपी चुनाव और संसद के मानसून सत्र से पहले दोनों संगठन बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. मकसद है विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से मजबूत करना.

सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच जाकर यह संदेश देने को कहा जाएगा कि सरकार ने मामले में तुरंत एसआईटी जांच बैठाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की. पार्टी का मानना है कि विपक्ष इस मुद्दे को यूपी चुनाव का बड़ा हथियार बनाना चाहता है.

RSS भी समानांतर जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है. स्वयंसेवक बड़े दानदाताओं से संपर्क करेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें मंदिर में सुरक्षित रखे गए दान की जानकारी भी देंगे. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नेताओं को एकजुट रहने और विवाद पर आपसी बयानबाजी से बचने की सलाह दी है.

विपक्ष के लगातार हमलों के बीच बीजेपी और RSS का पूरा फोकस श्रद्धालुओं का भरोसा बहाल करने और इस मुद्दे पर राजनीतिक नुकसान को रोकने पर है.