New Agra Urban Center: उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर विदेशी शहरों की तर्ज पर 'न्यू आगरा अर्बन सेंटर' विकसित किया जाएगा. इस नए शहर में विश्व स्तरीय मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब बनाए जाएंगे, जहां एक ही छत के नीचे रेलवे टर्मिनल, मेट्रो और बस स्टैंड की सुविधाएं मिलेंगी. इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों और माल ढुलाई के लिए एक शानदार सिस्टम तैयार करना है. यह सेंटर न केवल परिवहन का केंद्र होगा, बल्कि कृषि उत्पादों और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए बड़े भंडारण और वितरण केंद्र के रूप में भी काम करेगा.

कनेक्टिविटी के लिए सड़कों और हाई-स्पीड रेल का जाल

न्यू आगरा अर्बन सेंटर की कनेक्टिविटी को लेकर यीडा ने मास्टर प्लान-2041 में खास ब्लूप्रिंट तैयार किया है. यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-दिल्ली राजमार्ग (NH-19) को जोड़ने के लिए 100 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी. इसके अलावा शहर के भीतर 45, 60 और 80 मीटर चौड़ी सड़कों का जाल बिछाया जाएगा जो प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ेंगी. नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ने के लिए यहां हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए लाइट रेल ट्रांजिट (एलआरटी) और पर्यटन क्षेत्रों के लिए पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे यह शहर परिवहन के मामले में बेहद सुगम और स्मार्ट बन जाएगा.

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10 लाख लोगों को रोजगार और 14 लाख को मिलेगा घर

मास्टर प्लान-2041 के अनुसार न्यू आगरा अर्बन सेंटर को 44 गांवों की जमीन पर बसाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य 14 लाख लोगों को आधुनिक आवास और 10 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पास न्यू टूंडला जंक्शन पर एक विशाल मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित होगा, जो ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र बनेगा. यह क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख अड्डा बनेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त मजबूती मिलेगी. कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण यहां कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग की बड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि किसानों के उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा सके.

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तीन चरणों में पूरा होगा विकास का मेगा प्रोजेक्ट

न्यू आगरा के विकास को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए इसे तीन चरणों में बांटा गया है, जिसमें प्रत्येक चरण पांच साल का होगा. पहले चरण में NH-509 और जयपुर-बरेली राजमार्ग (NH-21) के बीच यमुना एक्सप्रेसवे के पश्चिमी हरित क्षेत्र में काम शुरू होगा. दूसरे चरण में NH-21 के पूर्वी भाग और फ्रेट कॉरिडोर के पास के इलाके को विकसित किया जाएगा. अंतिम और तीसरे चरण में एक्सप्रेसवे के उत्तरी हिस्से पर काम होगा, जहां मुख्य ट्रांसपोर्ट हब का निर्माण किया जाएगा. प्राधिकरण की इस योजना से आगरा और आसपास के जिलों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और यह क्षेत्र उत्तर भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरेगा.

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