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नीले ड्रम वाली मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, सौरभ हत्याकांड मामले में मेरठ कोर्ट ने सुनाया फैसला

Saurabh Rajput Murder Case: सौरभ राजपूत मर्डर केस के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को बुधवार के दिन मेरठ के एक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई. अदालत के फैसले के बाद सौरभ की मां ने खुशी जताई है.

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Blue Drum Murder Case: चर्चित नीला ड्रम मर्डर केस में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मेरठ की एक जिला अदालत ने फांसी की सजा सुना दी है. इन दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या करने और उनके शरीर के टुकड़ों को सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाने का दोषी ठहराया गया था. जज अरविंद कुमार मिश्रा इन पर बीएनएस की धारा 103(1) और धारा 238 के तहत सजा सुनाई. गौरतलब है कि मुस्कान का परिवार इस हत्याकांड के बाद उनसे कभी जेल में नहीं मिला था.

सौरभ की मां ने जताई खुशी

इस फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने कहा, ‘हमें बहुत अच्छा लग रहा है; हम इस बात से बहुत संतुष्ट हैं कि उन दोनों को मौत की सजा सुनाई गई है. हमें वह न्याय मिला जिसकी हमें तलाश थी. हम अपने वकीलों, सहयोगियों और स्टाफ़ के बहुत आभारी हैं; हम हमेशा उनका शुक्रिया अदा करेंगे और उनके कर्जदार रहेंगे. जो बेटी जेल में है, उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है. रही बात बड़ी बेटी की, तो अगर उसके नाना-नानी उसे बिना किसी शर्त के हमें सौंप देते हैं, तो हम उसे अपने साथ रखेंगे.’

30 सितंबर को दोषी ठहराया गया था

ये फैसला हत्या के 589 दिन बाद, 126 अदालती सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयानों के बाद आया है. पुलिस ने लगभग 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की मिलकर हत्या करने और उसके शरीर के अंगों को नीले ड्रम में रखकर सबूत मिटाने की कोशिश करने का दोषी माना था. सुनवाई के दौरान, जज ने कहा कि इतने गंभीर अपराध समाज में डर पैदा करते हैं और न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा कम करते हैं. उन्होंने जोर दिया कि अदालतों को आरोपियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हुए न्याय सुनिश्चित करना चाहिए.

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यह भी पढ़ें- एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या का NHRC ने लिया संज्ञान, 2 हफ्ते में कार्रवाई की मांगी रिपोर्ट

सौरभ की मां ने मौत की सजा की मांग की थी

सौरभ की मां ने दोनों दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि अगर निचली अदालत मौत की सजा नहीं देती है, तो परिवार सुप्रीम कोर्ट जाएगा. उन्होंने कहा कि न्याय के लिए उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक उन्हें वो सजा नहीं मिल जाती जिसे वे सही मानते हैं. जुलाई 2025 में शुरू हुए इस मुकदमे के दौरान 3 जिला जज बदले गए.

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हत्या का पता कैसे चला?

सौरभ मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी थे और लंदन से लौटे थे, उनकी हत्या 3 मार्च 2025 को कर दी गई थी. अभियोजन पक्ष के मुताबिक मुस्कान और साहिल ने धारदार हथियारों से उनकी हत्या की, फिर उनके शरीर के टुकड़े किए और अवशेषों को सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया. जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर चाकू, रेजर, सीमेंट और ड्रम जैसी चीजें पहले ही खरीद ली थीं. हत्या के बाद, मुस्कान कथित तौर पर शिमला और मनाली घूमने गई और इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करती रही, जिससे ऐसा लगा कि वो ट्रैवल कर रही है. ये अपराध 18 मार्च को तब सामने आया जब सौरभ का भाई राहुल घर पहुंचा. संदिग्ध हालात और बदबू की वजह से आगे जांच की गई, जिससे पुलिस को हत्या का पता चला. इसके बाद फोरेंसिक सबूतों और गवाहों के बयानों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत किया.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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