यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों की तरफ से बड़े ऐलानों का दौर शुरू हो चुका है. इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) चीफ मायावती ने भी मंगलवार को बड़ी घोषणा कर दी. मायावती ने कहा कि वो आने वाले तीनों राज्यों के विधानसभा चुनाव में बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़ेंगी. मायावती ने ये ऐलान लखनऊ में आयोजित पंजाब इकाई की समीक्षा बैठक के दौरान की. मायावती के बयान से यह भी स्पष्ट हो गया है कि इस बार बसपा यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में पूरी शक्ति के साथ अपने उम्मीदवार उतारेगी.
पार्टी को मजबूत करने पर विशेष जोर
बीते कुछ समय से बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजनीतिक बयानबाजी और खबरों से दूरी बना रखी थी, लेकिन जैसे-जैसे यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे अब मायावती ने राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं. पंजाब इकाई की बैठक में बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने पंजाब और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बिना किसी समझौते और गंठबंधन के चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इसके पीछे की वजह बताते हुए मायावती ने कहा कि गठबंधन से सीट और वोट प्रतिशत दोनों का नुकसान होता है.
यह भी पढ़ें: बांके बिहारी मंदिर में दान की गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी, पारदर्शी व्यवस्था का दिया आदेश
मायावती ने दिया ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ का मंत्र
पीटीआई के अनुसार, बसपा प्रमुख ने अगले साल 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव में कर्मठ और ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाने पर जोर दिया, जिससे आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जनविरोधी रवैये से त्रस्त जनता को ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की आंबेडकरवादी नीतियों का लाभ मिल सके. मायावती ने कहा कि यह महान संत गुरु रविदास, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा संस्थापक कांशीराम के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
बसपा संस्थापक कांशीराम के पुण्यतिथि
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों पर मिली प्रतिक्रिया के आधार पर कमियों को समयबद्ध तरीके दूर करने पर जोर दिया. मायावती ने कहा कि बसपा की पंजाब इकाई को 9 अक्टूबर को पार्टी संस्थापक कांशीराम के पुण्यतिथि कार्यक्रम को पूरी तैयारी के साथ सफल बनाना है. उन्होंने कहा कि 15 जनवरी 2027 को ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के मौके पर आर्थिक सहयोग को पिछली बार से बेहतर करना है, क्योंकि यह अंबेडकरवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है.
संबंधित खबरें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा की
2 hrs agoयूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव से मिले BJP के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप
3 hrs agoलखनऊ के कांग्रेस ऑफिस में क्यों भिड़े अजय राय और ममता चौधरी के समर्थक?
6 hrs agoअयोध्या राम मंदिर में रंगमहल बैरियर से VIP एंट्री होगी बंद, नई जगह होगी तय
6 hrs agoSIR पर कांग्रेस के विरोध को सीएम धामी ने बताया राजनीतिक हताशा
1 day agoयूपी में आज से बंटना शुरू होगा फ्री राशन, जानिए टाइमिंग और जरूरी नियम
1 day agoयूपी में 10 राज्यसभा सांसद निर्वाचित, BJP के 8, सपा के 2 MP निर्विरोध जीते
2 days agoहोली-दिवाली पर मिलेगा मुफ्त सिलेंडर, योगी कैबिनेट में 39 प्रस्ताव मंजूर
2 days agoPM मोदी के नाम पर होगा जेवर एयरपोर्ट का नाम, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला
2 days agoयूपी में मेडिकल कॉलेज 36 से बढ़कर 85 हुए, बोले मुख्यमंत्री योगी
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines