हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

'ससुर अशोक सिद्धार्थ संन्यास लें तभी आकाश आनंद की BSP में वापसी', मायावती की दो टूक

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद की वापसी के लिए उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के सामने राजनीति से पूर्ण संन्यास की शर्त रख दी है. मायावती ने साफ किया कि ससुर के हटने के बाद ही आकाश स्वतंत्र रूप से काम कर पाएंगे. आगामी चुनावों से पहले बसपा में इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने हलचल तेज कर दी है.

विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद की वापसी के लिए उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के सामने राजनीति से पूर्ण संन्यास की शर्त रख दी है. Credit: ANI

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है. यह आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर उनका तीसरा यू-टर्न माना जा रहा है. मायावती ने साफ कर दिया है कि आकाश आनंद को पार्टी में तभी कोई अहम जिम्मेदारी मिलेगी, जब उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे.

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ द्वारा यह शर्त पूरी करने के बाद ही आकाश आनंद पार्टी में बिना किसी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगे. इसके बाद ही पार्टी सहानुभूतिपूर्वक उनकी पुरानी जिम्मेदारियों को बहाल करने पर विचार करेगी.

ईशान आनंद IN…आकाश आनंद OUT, मायावती ने छोटे भतीजे को क्यों दी BSP में अहम जिम्मेदारी?

विज्ञापन

मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद को कभी बसपा सुप्रीमो का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा था. हालांकि, साल 2024 के बाद से उनकी जिम्मेदारियों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. उन्हें कई मौकों पर पार्टी में पदोन्नत किया गया और फिर पद से हटाया भी गया. यही स्थिति उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के साथ भी रही है. सिद्धार्थ को साल 2025 में बसपा से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, जिसके बाद उनकी वापसी संभव हो सकी थी. अब एक बार फिर दोनों पर पार्टी नेतृत्व का चाबुक चला है.

बसपा प्रमुख ने पहले भी आकाश को दी थी नसीहत

बसपा प्रमुख ने अतीत का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने पहले भी आकाश को अपने ससुर के प्रभाव से दूर रहने की नसीहत दी थी. सिद्धार्थ को पार्टी से अगस्त में निष्कासित भी किया गया था. मायावती का आरोप है कि अशोक सिद्धार्थ ने बहुजन मिशन से ऊपर अपने निजी और पारिवारिक हितों को रखा, जिसके चलते खुद उन्हें और उनके दामाद आकाश आनंद दोनों को नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि पार्टी ने सिद्धार्थ को सुधरने के कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने मिशन की परवाह नहीं की. मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास अब भी मौका है कि वे अपने दामाद के भविष्य और पार्टी के हित में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को त्याग दें.

विज्ञापन

दलित-बहुजन आंदोलन के लिए बेहद अहम

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों का जिक्र करते हुए मायावती ने इन्हें दलित-बहुजन आंदोलन के लिए बेहद अहम बताया. उन्होंने चेताया कि आरक्षण और आंदोलन के सामने आज कई चुनौतियां हैं, इसलिए समाज का कोई भी व्यक्ति निजी स्वार्थ में ऐसा कदम न उठाए जिससे आंदोलन को नुकसान पहुंचे. अब सबकी नजरें अशोक सिद्धार्थ के फैसले पर टिकी हैं.

‘बड़ी सोच से आएं और बड़ा पद लें…’, मायावती के भतीजे आकाश आनंद को मिला NDA की एक पार्टी का ऑफर

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola