Mangesh Yadav Encounter: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में हुए एनकाउंटर की चर्चा पूरे सूबे में है। 1 लाख के इनामी बदमाश मंगेश यादव का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। हालांकि इस एनकाउंटर की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं सकी है। वहीं पुलिस भी सवालों के घेरे में है। मंगेश यादव एनकाउंटर से जुड़े कुछ सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब अभी तक मिला नहीं है।

1. चप्पल पहनकर मारी गोली

STF के सीओ डीके शाही ने मंगेश यादव पर गोली चलाई। इस एनकाउंटर के बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किसी भी अफसर ने बुलेट प्रूफ जैकेट या कोई भी सिक्योरिटी इक्वीपमेंट नहीं पहना है। वहीं डीके शाही ने पैरों में चप्पल पहन रखी है। इतने बड़े आरोपी को पकड़ते समय पुलिस का यह कैजुअल रवैया सवाल खड़े करता है। यह भी पढ़ें- होटलों में पार्टी, लाखों के चेक और…गाजियाबाद में 70 करोड़ ठगने वाली कंपनी जानें कैसे लगाती थी चूना?

2. हथियारों की बेमेल थ्योरी

सुल्तानपुर लूटकांड से पहले मंगेश यादव के खिलाफ चोरी और लूट के 8 मुकदमे दर्ज थे। इनमें से किसी भी मामले में मंगेश के गोली चलाने या फायरिंग करने के सबूत नहीं मिले हैं, मगर STF का दावा है कि मंगेश से 2 असलहे बरामद हुए हैं। सवाल यह है कि मंगेश के पास अचानक यह हथियार कैसे और कहां से आए?

3. बहन के दावों को किया नजरअंदाज

मंगेश यादव की बहन का दावा है कि सुल्तानपुर लूट में मंगेश का हाथ नहीं था। जब लूट हुई, उस समय मंगेश उसके स्कूल में फीस जमा करने गया था। ऐसे में STF ने स्कूल के सीसीटीवी क्यों नहीं खंगाले? पुलिस ने स्कूल में जाकर मंगेश की बहन के बयान की पुष्टि क्यों नहीं की?

4. तीन दिन पहले हुई थी पूछताछ

मंगेश यादव की बहन के अनुसार, 2 सितंबर की रात STF ने घर पर छापा मारा और मंगेश को पूछताछ के लिए साथ ले गई। तीसरे दिन पुलिस ने घर वालों को बताया कि मंगेश की मौत हो चुकी है, जो उसे देखना चाहता है, वह साथ चल सकता है। जब तीन दिन पहले पुलिस ने मंगेश से पूछताछ कर ली थी तो आखिर एनकाउंटर की नौबत क्यों आई?

5. परिवार की गरीबी और मंगेश की अमीरी

मंगेश यादव का परिवार काफी गरीब है। मंगेश के पिता राकेश यादव ड्राइवर हैं। मंगेश की फैमिली बिना प्लास्टर के मकान में रहती है। घर की हालत और टूटी हुई झोपड़ी पुलिस के बयानों से मेल नहीं खा रही है। पुलिस का दावा है कि मंगेश के पास अमेरिकन टूरिस्ट का बैग, 3 ब्रांडेड टीशर्ट और 2 ब्रांडेड पैंट मिले हैं। यह भला कैसे मुमकिन है?

6. ज्वेलर ने नहीं की पहचान

सुल्तानपुर शहर के भरत ज्वेलर्स की दुकान में लाखों की लूट हुई। पुलिस का कहना है कि इस लूट में अनुज प्रताप सिंह, अरबाज, मंगेश यादव और अंकित यादव शामिल थे, मगर ज्वेलर भरत सोनी ने अभी तक किसी भी अपराधी की पहचान नहीं की है।

7. सुल्तानपुर में क्यों छिपा था आरोपी?

मंगेश यादव पर 1 लाख का इनाम था। सुल्तानपुर में उसने फिर लूट की घटना को अंजाम दिया था। उसके 3 साथी पकड़े जा चुके थे। ऐसे में सवाल यह है कि मंगेश यादव को अच्छी तरह से पता था कि पुलिस उसे ढूंढ रही है। इसके बावजूद वह सुल्तानपुर स्थित अपने घर में मौजूद था, आखिर इसकी क्या वजह है? यह भी पढ़ें- STF अफसर डीके शाही कौन? जिसने किया मंगेश यादव का एनकाउंटर; पत्नी के पद पर उठे सवाल