हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

यूपी के शाहजहांपुर में क्या कर रही बांग्लादेश की नई ट्रेन? देखने को उमड़ी लोगों की भीड़

पंजाब की कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार अत्याधुनिक कोचों की खेप यूपी के शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से होकर बांग्लादेश के लिए रवाना हुई.’मेक इन इंडिया’ पहल के तहत करीब 915 करोड़ रुपये के समझौते से बने इन 200 कोचों में कई हाईटेक सुविधाएं शामिल हैं. बेबी केयर रूम, प्रार्थना कक्ष और सीसीटीवी से लैस इन खास कोचों की एक झलक पाने के लिए स्टेशन पर भारी भीड़ जुट गई.

विज्ञापन
पंजाब की कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार अत्याधुनिक कोचों की खेप यूपी के शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से होकर बांग्लादेश के लिए रवाना हुई. CREDIT: X(PIB India)

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त भारी उत्सुकता का माहौल बन गया, जब ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तैयार की गई बांग्लादेश की आधुनिक इंटरसिटी ट्रेनों के नए कोचों की एक खेप यहां से होकर गुजरी. रेलवे ट्रैक से गुजरते इन खूबसूरत और आधुनिक कोचों को देखने के लिए स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. ये सभी अत्याधुनिक एलएचबी (LHB) कोच पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में तैयार किए गए हैं. भारत और बांग्लादेश के बीच हुए लगभग 915 करोड़ रुपये के करार के तहत कुल 200 आधुनिक यात्री कोचों की आपूर्ति की जा रही है. इसी समझौते के तहत तैयार कोचों की खेप को बांग्लादेश भेजा जा रहा है, जो रास्ते में शाहजहांपुर से होकर गुजरी.

यह भी पढ़ें : अंग्रेजों के जमाने में बना ये है भारत का आखिरी रेलवे स्टेशन, नहीं रुकती कोई भी ट्रेन

कोचों में दी गई हैं ये खास सुविधाएं

बांग्लादेश रेलवे के लिए तैयार इस खेप में एसी स्लीपर, एसी चेयर कार और नॉन-एसी चेयर कार शामिल हैं. यात्रियों के सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए इनमें विशेष सुविधाएं जोड़ी गई हैं.

विज्ञापन
  • प्रार्थना कक्ष : लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा के लिए अलग से प्रार्थना कक्ष बनाया गया है.
  • बेबी केयर रूम: छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली माताओं के लिए विशेष बेबी केयर स्पेस की व्यवस्था है.
  • सुरक्षा और तकनीक: सुरक्षा के लिहाज से पूरे कोच में सीसीटीवी कैमरे और आपात स्थिति के लिए पैसेंजर अलार्म सिस्टम लगाया गया है.

कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री देश और विदेश दोनों के लिए आधुनिक तकनीक वाले कोच बनाने के लिए जानी जाती है. भारतीय पटरियों पर दौड़ने वाली कई प्रीमियम ट्रेनों के डिब्बे यहीं तैयार होते हैं, और अब भारत में बने ये कोच पड़ोसी देश बांग्लादेश की रेल सेवाओं को नई रफ्तार और आधुनिक रूप देंगे.

2024 में मिला था 200 कोचों का आर्डर

बांग्लादेश रेलवे ने साल 2024 में राइट्स (RITES) के जरिए इन 200 ब्रॉडगेज कोचों के निर्माण और आपूर्ति का आर्डर दिया था. ये सभी कोच सात अलग-अलग वेरिएंट में तैयार किए जा रहे हैं. इससे पहले वर्ष 2015-16 में भी कपूरथला से बांग्लादेश को 120 एलएचबी कोच सफलतापूर्वक भेजे गए थे. उसी भरोसे के दम पर यह नया समझौता हुआ है.

विज्ञापन

यूरोपीय सुरक्षा मानक और अलग बिजली व्यवस्था

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचों को यूरोपीय मानक ईएन-15227 के क्रैश-रेजिस्टेंट डिजाइन के तहत बनाया गया है. इसके लिए पूरी बॉडी शेल में बदलाव किया गया है, ताकि किसी भी संभावित टक्कर में यात्रियों को नुकसान न पहुंचे. इसके अलावा, जहां भारतीय ट्रेनों में 750 वोल्ट की विद्युत प्रणाली होती है, वहीं बांग्लादेश की मांग के अनुसार इनमें 415 वोल्ट की विशेष विद्युत व्यवस्था की गई है.

यह भी पढ़ें : फर्स्ट एसी में मिलेगा प्लेन जैसा मजा ! रेलवे ने नये एसी कोच की प्लेन की तरह डिजाइन का किया अनावरण

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola