उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों को लेकर एक बयान दिया है, जिसकी उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है. केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, पाकिस्तान का हो या भारत का हो, वह आतंकवाद ही पैदा करता है. उनके इस बयान पर उत्तर प्रदेश में सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य का मदरसों पर दिया गया बयान BJP के लिए चुनौती और विपक्षी दलों के लिए मुद्दा बन सकता है, जिसका नुकसान भाजपा को चुनाव में उठाना पड़ सकता है.
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मदरसों में बंद हो सकता है डिग्री कोर्स
बता दें कि योगी आदित्यनाथ की सरकार मदरसों में शिक्षा से जुड़े संशोधन का एक प्रस्ताव आज कैबिनेट मीटिंग में पेश करेगी, इससे पहले मदरसों पर केशव प्रसाद मौर्य का बयान आ गया. आज कैबिनेट मीटिंग में योगी सरकार उत्तर प्रदेश में मदरसों में डिग्री कोर्स पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर सकती है. उत्तर प्रदेश में मदरसों में सिर्फ 12वीं तक की ही पढ़ाई हो और डिग्री कोर्स को पूरी तरह बंद कर दिया जाए. इस पर औपचारिक मुहर आज लग सकती है. ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर बयान पर विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा सकती है.
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मदरसा शिक्षा परिषद कानून में संशोधन
बता दें कि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में होगी. इस बैठक में 20 से ज्यादा प्रस्ताव पेश किए जा सकते हैं. इनमें से एक प्रस्ताव में यह प्रावधान है कि उत्तर प्रदेश में मदरसे कामिल और फाजिल की डिग्री नहीं दे सकेंगे. मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन प्रस्ताव कैबिनेट में पेश होगा. अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 नवंबर 2024 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें मदरसा अधिनियम को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया था.
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इन प्रस्तावों को भी मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट मीटिंग में प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना, मौसम आधारित फसल बीमा योजना, जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे तक वाया बुलंदशहर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 और CAG से जुड़ा प्रस्ताव, राज्य संपत्ति विभाग के कर्मचारियो के लिए नई नियमावली, उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण संशोधन विधेयक 2026 सहित श्रम और खनिज विभाग के फैसले भी कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री के सामने पेश करके पास कराए जा सकते हैं.
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