Prayagraj Flyover Project: प्रयागराज के निवासियों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत अच्छी खबर है. शहर की व्यस्त सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने सात नए फ्लाईओवर बनाने का एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है. यह योजना खास तौर पर मेला सीजन, ऑफिस के समय होने वाली भीड़ और वीआईपी मूवमेंट के दौरान होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. लखनऊ की तरफ से आने वाले यात्रियों को अक्सर तेलियरगंज और उसके आसपास के चौराहों पर भारी जाम का सामना करना पड़ता था. अब इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए महर्षि भारद्वाज चौराहा, मेडिकल कॉलेज, मुंडेरा, नैनी और सिविल लाइंस जैसे प्रमुख इलाकों को इस बड़े प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है.
400 करोड़ की लागत और इन इलाकों को मिलेगा फायदा
इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है. अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है और जल्द ही शासन से मंजूरी मिलने की उम्मीद है. प्रस्तावित फ्लाईओवर महर्षि भारद्वाज चौराहा, तेलियरगंज से एमएनएनआईटी स्ट्रेच, मेडिकल कॉलेज चौराहा, म्योहाल, लक्ष्मी टॉकीज, मुंडेरा और नैनी के लेप्रोसी मिशन के पास बनाए जाएंगे. इनमें सबसे महत्वपूर्ण तेलियरगंज फ्लाईओवर होगा जो करीब 400 से 500 मीटर लंबा हो सकता है. इसके बनने से लखनऊ और अयोध्या की तरफ से आने वाले वाहन सीधे संगम की ओर जा सकेंगे और शहर के भीतर होने वाली ट्रैफिक की किचकिच से पूरी तरह बच जाएंगे.
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कुंभ और माघ मेले के लिए स्थाई समाधान की तैयारी
प्रयागराज में हर साल माघ मेला और समय-समय पर कुंभ जैसे बड़े आयोजन होते हैं जिसमें करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं. वर्तमान में अस्थाई डायवर्जन के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को काफी परेशानी होती है. नए फ्लाईओवर बनने से एम्बुलेंस और इमरजेंसी वाहनों को भी रास्ता मिलने में आसानी होगी. मेडिकल कॉलेज चौराहे पर बनने वाला फ्लाईओवर मरीजों को अस्पताल तक जल्दी पहुंचाने में मदद करेगा. वहीं महर्षि भारद्वाज चौराहे का फ्लाईओवर संगम जाने वाले रास्ते को बिना किसी रुकावट के सुगम बना देगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों से पहले शहर के ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह से आधुनिक और स्थाई बना दिया जाए ताकि सड़कों पर गाड़ियां रेंगने के बजाय दौड़ती नजर आएं.
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रियल एस्टेट और विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सड़कों के चौड़ीकरण और फ्लाईओवर बनने से प्रयागराज के रियल एस्टेट सेक्टर में भी उछाल आने की संभावना है. तेलियरगंज, सिविल लाइंस, नैनी और मुंडेरा जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ सकती है क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी और कम यात्रा समय निवेशकों को आकर्षित करता है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा और जून के अंत तक मंजूरी मिल गई, तो निर्माण कार्य शुरू होने के तीन साल के भीतर यानी दिसंबर 2030 तक सभी सात फ्लाईओवर बनकर तैयार हो जाएंगे. इससे न केवल स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि प्रयागराज एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में उभरकर सामने आएगा. अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट शहर के बुनियादी ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
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