हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'मुझे स्टेज-4 कैंसर है, प्लीज हेल्प करें', UP के लड़के का PM मोदी और रूस को लेटर, पढ़ें क्या आया रिप्लाई?

Cancer Patient Ansh Srivastava: लखनऊ के 21 वर्षीय कैंसर पीड़ित अंश श्रीवास्तव की कहानी रूला देने वाली है. अंश के पिता मनु ने भारत और रूस सरकार को लेटर लिखकर अपील की है कि रूस में बनी कैंसर की दवाई का परीक्षण उनके बेटे पर किया जाए. परीक्षण सफल हो या फेल हो, अंश का परिवार दोनों स्थितियों के लिए तैयार है.

विज्ञापन
कैंसर मरीज के लेटर का रूस और भारत सरकार ने जवाब दिया है.

Cancer Patient Ansh Srivastava: उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी मनु श्रीनवास्तव ने अपने 21 साल के बेटे अंश श्रीवास्तव की जिंदगी बचाने की गुहार लगाई है, क्योंकि वह स्टेज-4 के कैंसर से जूझ रहा है. मुन ने रूस की पुतिन सरकार ने अंश पर कैंसर वैक्सीन का परीक्षण करने की अपील की है. इसके लिए उन्होंने अंश की ओर से प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, रूस और साउथ कोरिया की सरकार को लेटर लिखा है कि वे उनके बेटे अंश पर कैंसर की उस दवाई का परीक्षण करें, जिसे रूस के वैज्ञानिक बना रहे हैं.

रूस से आया लेटर का ये जवाब

बता दें कि रूस की सरकार ने लेटर का जवाब दिया है. 27 अक्टूबर 2025 को अंश और उसके पिता मनु को रूस की पुतिन सरकार का ऑफिशियल लेटर मिला. मनु ने बताया कि रूस में कैंसर की जो दवाई बनी है, वह भारत में उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्होंने रूस की सरकार से अंश पर टीके का परीक्षण करने का अनुरोध किया है, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि अनुरोध पर विचार किया जा रहा है और अंश पर दवाई का परीक्षण करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को लेटर सुझाव दिया गया है. ऐसे में अब अंश की जिंदगी का फैसला रूस की सरकार और वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय के हाथ में है.

यह भी पढ़ें: क्या मैं प्रोस्टेट कैंसर के साथ सामान्य जीवन जी सकता हूं? आपका भी यही सवाल है तो यहां जानिए Prostate Cancer का सर्वाइवल रेट क्या है

विज्ञापन

परीक्षण कराने को तैयार परिवार

मुन ने कहा कि कैंसर की दवाई का परीक्षण सफल हो सकता है और फेल भी हो सकता है, दोनों स्थितियों के लिए परिवार तैयार है. वैसे भी अंश को स्टेज-4 का कैंसर है और डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं, लेकिन उसके ठीक होने की उम्मीद न के बराबर है. डॉक्टर भी न जवाब दे रहे हैं और न ही कोई उम्मीद बंधा रहे हैं.

इस बीच पता चला कि रूस में कैंसर का एक टीका विकसित किया गया है, जो बीमारी के इलाज में प्रभावी साबित हो रहा है, इसलिए भारत सरकार और रूसी सरकार को लेटर लिखकर अनुरोध किया कि वे रूस में बनी कैंसर की दवाई का परीक्षण अंश पर भी करें, क्या पता वह ठीक हो जाए, वरना जो होगा देखा जाएगा.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: दुनियाभर में बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, NIH ने बताया कौन से Cancer ज्यादा एक्टिव? इन 7 टिप्स से बीमारी से होगा बचाव

भारत सरकार भी करेगी अनुरोध

मनु ने बताया कि केंद्र सरकार का लेटर भी आया है, जिसमें आश्वासन दिया गया है कि भारतीय अधिकारी रूस के अधिकारियों से अंश पर दवाई का परीक्षण करने का अनुरोध करेंगे. वैसे रूस की सरकार अपने लोगों पर ही दवाई का परीक्षण कर रही है. किसी दूसरे देश के नागरिक पर दवाई का परीक्षण करने की अनुमति पुतिन सरकार ने नहीं दी है, फिर भी वे अनुरोध करेंगे.

विज्ञापन

फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी (FMBA) की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्त्सोवा ने ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF) में घोषणा की थी कि रूस की कैंसर वैक्सीन ने प्री-क्लिनिकल टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, रिजल्ट पॉजिटिव आया है और रिसर्च में भी स्पष्ट हुआ है कि दवाई और इंजेक्शन लेने के बाद कैंसर मरीज के जिंदा रहने की दर में इजापुा हुआ है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola