Lucknow Master Plan: नवाबों के शहर लखनऊ को साल 2051 तक देश के सबसे बेहतरीन शहरों में शामिल करने का एक बड़ा खाका तैयार कर लिया गया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए ने ‘विजन लखनऊ 2051 मास्टर प्लान’ की रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. इस 44,776 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मेगा प्लान के तहत लखनऊ का दायरा बाराबंकी, उन्नाव और रायबरेली तक बढ़ जाएगा, जिसे स्टेट कैपिटल रीजन नाम दिया गया है. इस योजना की सबसे खास बात ’20 मिनट नेबरहुड’ व्यवस्था है, जिसके लागू होने के बाद लोगों के घर, दफ्तर, स्कूल और अस्पताल सब कुछ मात्र 20 मिनट की दूरी पर सिमट जाएंगे.
सड़कों का जाल और युवाओं के लिए लाखों नौकरियां
इस मास्टर प्लान में सबसे ज्यादा ध्यान यातायात को सुधारने पर दिया गया है, जिसके लिए कुल बजट का 65 प्रतिशत हिस्सा यानी 28,879 करोड़ रुपये सिर्फ सड़क और ट्रांसपोर्ट पर खर्च किए जाएंगे. 104 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड के किनारे 10 हजार हेक्टेयर में 4 नई टाउनशिप बसाई जाएंगी, जहाँ अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए 5 लाख नए मकान बनेंगे. इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के बड़े मौके खुलेंगे, क्योंकि सीजी सिटी के पास आईटी सिटी का विस्तार किया जाएगा. कानपुर रोड पर लॉजिस्टिक हब और नया फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट बनने से शहर में 2 लाख सीधी और 5 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी.
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विरासत को संवारने और स्लम फ्री शहर बनाने का लक्ष्य
लखनऊ की ऐतिहासिक पहचान को सहेजने के लिए भी इस प्लान में खास इंतजाम किए गए हैं. हुसैनाबाद हेरिटेज जोन और कैसरबाग को संवारने पर 640 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसके तहत सतखंडा, क्लॉक टावर और छोटा इमामबाड़ा को एक नए टूरिज्म सर्किट से जोड़ा जाएगा. कैसरबाग को पूरी तरह से नो-वीइकल जोन बनाने की भी योजना है. इसके अलावा लखनऊ को स्लम मुक्त बनाने के लिए 2,986 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को किफायती मकान मिल सकें. योजना के अनुसार लोगों को उनके काम की जगह से महज डेढ़ किलोमीटर के दायरे में ही बसाया जाएगा, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो.
तीन चरणों में होगा काम और जनता को मिलेंगे बड़े फायदे
इस महाप्लान को जमीन पर उतारने के लिए काम को तीन हिस्सों में बांटा गया है. साल 2026 से 2030 तक शॉर्ट टर्म, 2031 से 2040 तक मीडियम टर्म और 2041 से 2051 के बीच लॉन्ग टर्म के काम पूरे किए जाएंगे. इसके लिए पैसा पीपीपी मॉडल, केंद्र की अमृत योजना और स्मार्ट सिटी स्कीम से आएगा. इस पूरे प्लान के लागू होने के बाद लखनऊ की आबादी बढ़कर 57 लाख से ज्यादा हो जाएगी और शहर का इलाका 980 वर्ग किलोमीटर का हो जाएगा. आम जनता को इस प्लान से वर्ल्ड क्लास मेडिसिटी, 6 नए बस अड्डे, मेट्रो फीडर बसें, जीरो वेस्ट मैनेजमेंट और सोलर एनर्जी जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी.
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