खबर की मुख्य बातें:

  • 14 जुलाई 2026 से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू होगी.
  • कार, जीप और वैन चालकों को एक तरफ के सफर के लिए ₹275 चुकाने होंगे.
  • सालाना FASTag पास वाले वाहन चालक कम शुल्क में एक्सप्रेसवे का लाभ उठा सकेंगे.
  • एनएचएआई शुरुआती कुछ महीनों तक स्वयं टोल संचालन करेगा.

लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने वाले नए एक्सप्रेसवे पर अब सफर पूरी तरह टोल आधारित होने जा रहा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 13 जुलाई को एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद 14 जुलाई 2026 से टोल शुल्क लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मार्ग का उपयोग करने वाले सभी वाहन चालकों को तय शुल्क का भुगतान करना होगा, ताकि वह सुविधाजनक इस नए चमचमाती सड़क का इस्तेमाल कर सकें. हालांकि जिन लोगों के पास सालाना FASTag पास होगा, उन्हें विशेष रियायत का लाभ भी मिलेगा और वह कम वक्त में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे. आइए जानते हैं टोल का पूरा गणित और कितना खास है ये एक्सप्रेसवे?

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कार वालों को कितना देना होगा टोल?

एनएचएआई की ओर से जारी प्रस्तावित दरों के अनुसार कार, जीप और वैन से एक्सप्रेसवे पर एक तरफ की यात्रा के लिए ₹275 टोल देना होगा. अगर कोई वाहन चालक 24 घंटे के भीतर वापसी करता है तो उसे ₹415 का शुल्क देना पड़ेगा. वहीं मासिक 50 सिंगल ट्रिप के लिए लगभग ₹9,220 का शुल्क तय किया गया है, इसी तरह हल्के वाणिज्यिक वाहनों, बसों, ट्रकों और मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए भी अलग-अलग टोल दरें निर्धारित की गई हैं. नई दरों की सूची उद्घाटन से पहले सभी टोल प्लाजा पर प्रदर्शित कर दी जाएगी.

63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे से घटेगा सफर का समय

करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए 63 किलोमीटर लंबे छह लेन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को भविष्य में जरूरत पड़ने पर आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा. एनएचएआई का दावा है कि इस मार्ग से दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी. जहां पहले इस दूरी को तय करने में थकाऊ सफर और जाम का सामनाकरना पड़ता था, अब वह परेशानी खत्म हो जाएगी. एक्सप्रेसवे पर शिवपुरा (खांडेदेव), बनी, अमरसास और आजाद चौक सहित कई आधुनिक टोल प्लाजा बनाए गए हैं. यहां ऑटोमैटिक स्कैनिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे वाहन बिना लंबी कतार में लगे आसानी से गुजर सकेंगे.

सालाना FASTag पास से मिलेगा बड़ा फायदा

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नियमित यात्रियों के लिए ₹3,075 का सालाना FASTag पास उपलब्ध कराता है. इस पास के जरिए एक साल में 200 ट्रिप तक यात्रा की जा सकती है, जिससे प्रति टोल यात्रा का खर्च काफी कम हो जाता है. एनएचएआई के अनुसार यह सुविधा देशभर के 1,150 से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर लागू है. जो लोग लखनऊ और कानपुर के बीच अक्सर सफर करते हैं, उनके लिए यह पास काफी किफायती विकल्प साबित हो सकता है.

टोल लागू होने से पहले जान लें नई दरें

अगर आप 14 जुलाई के बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो टोल शुल्क और FASTag की स्थिति पहले ही जांच लें. पर्याप्त FASTag बैलेंस रखें ताकि टोल प्लाजा पर किसी प्रकार की परेशानी न हो. एनएचएआई शुरुआती दो से तीन महीनों तक स्वयं टोल संचालन करेगा और बाद में यातायात की स्थिति का आकलन करने के बाद संचालन के लिए अलग टेंडर जारी किया जाएगा. नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को तेज और बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा, लेकिन सफर की लागत भी पहले से अधिक हो जाएगी.

वाहनों की श्रेणीएकल यात्रा24 घंटे में वापसी50 सिंगल ट्रिप (मासिक)
कार / जीप / वैन₹275₹415₹9,220
हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV)₹445₹670₹14,890
बस / ट्रक₹935₹1,405₹31,200
मल्टी एक्सल वाणिज्यिक वाहन₹1,020₹1,530₹34,040

नोट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर ये प्रस्तावित टोल दरें 14 जुलाई 2026 से लागू होने की तैयारी है. वार्षिक FASTag पास रखने वाले नियमित यात्रियों को अलग रियायत का लाभ मिलेगा.  यह सूची एनएचएआइ द्वारा उपलब्ध कराई गई है.

मुख्य निष्कर्ष:-14 जुलाई 2026 से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू हो जाएगी. कार चालकों को एक तरफ के सफर के लिए ₹275 टोल देना होगा, जबकि सालाना FASTag पास रखने वाले नियमित यात्रियों को रियायती शुल्क का लाभ मिलेगा.

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