मुख्य बिंदु

  • 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से ट्रैवल टाइम घटकर लगभग 40 मिनट रह जाएगा.
  • उत्तर प्रदेश ने 4,850 करोड़ रुपये के नए नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है.
  • 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के लिए बाईपास बनाए जाएंगे.
  • शहर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए एक्सप्रेसवे में एलिवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है.
  • इस हाइवे को 120 किमी/घंटा की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है.

Lucknow-Kanpur Expressway Opens: यूपी के उन्नाव जिले में सोमवार 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आधिकारिक तौर पर खोल दिया गया. 63 किलोमीटर लंबे, 6-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड हाइवे के उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल हुए. उम्मीद है कि इस नए एक्सप्रेसवे से लखनऊ और कानपुर के बीच ट्रैवल टाइम 2 घंटे से ज्यादा से घटकर तकरीबन 40 मिनट रह जाएगा.

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4,850 करोड़ मंजूर

इस कार्यक्रम के दौरान, सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये भी ऐलान कि राज्य के लिए 4,850 करोड़ रुपये से ज्यादा के नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. इनका मकसद नॉर्थ साउथ कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के आसपास बाईपास बनाना और हर डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर को 4 लेन वाली सड़कों से जोड़ना है.

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'लखनऊ-सीतापुर हाइवे होगा चौड़ा'

राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ और कानपुर के बीच एक डेडिकेटेड हाइवे की मांग कई सालों से थी. उन्होंने लखनऊ में एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट्स और मेट्रो से जुड़े विकास कार्यों सहित कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी देने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ की. उन्होंने ये भी बताया कि लखनऊ-सीतापुर हाइवे को 6-लेन तक चौड़ा करने का काम जल्द ही शुरू होगा.

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एक्सप्रेसवे पर क्या होगी टॉप स्पीड?

हाल ही में खुले इस एक्सप्रेसवे को तकरीबन 4,700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया गया है और इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति के लिए डिजाइन किया गया है. इस रास्ते का लगभग 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है, जिससे ड्राइवर बिजी शहरी इलाकों से बचकर निकल सकते हैं और अमौसी, सरोजिनीनगर और NH-27 के पास भीड़ कम हो सकती है. एडवांस्ड 3D ऑटोमेटेड मशीन गाइडेंस (AMG) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाए गए इस हाइवे को भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर 6 से 8 लेन तक बढ़ाने का भी प्लान है.

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ट्रैवल टाइम घटेगा

NH-27 के भीड़भाड़ वाले 94 किलोमीटर लंबे हिस्से की जगह लेने वाले इस एक्सप्रेसवे से डीजल-पेट्रोल की बचत होने, ट्रैवल टाइम कम होने और सेफ ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. ये 3 एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले एक अहम जंक्शन के तौर पर भी काम करेगा, जिससे पूरे यूपी में माल ढुलाई, इंडस्ट्रियल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी.

कितना लगा टोल

अधिकारियों ने बताया कि इस रास्ते पर 5 टोल प्लाजा बनाए गए हैं, हांलाकि लखनऊ आउटर रिंग रोड से जुड़ा एक टोल प्लाजा टोल-फ्री रहेगा. कारों को एक तरफ की जर्नी के लिए 275 रुपये देने होंगे, जबकि कमर्शियल वाहनों और भारी ट्रकों के लिए उनकी कैटेगरी के आधार पर टोल शुल्क ज्यादा होगा. एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों को चलने की इजाजत नहीं होगी.

निष्कर्ष

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक बड़ा कदम है. कनेक्टिविटी बेहतर करके, ट्रैवल टाइम को घटाकर और इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्रोथ को बढ़ावा देकर, इस प्रोजेक्ट से आम मुसाफिरो, बिजनेस और आस-पास के कस्बों को फायदा होने की उम्मीद है. नए हाइवे प्रोजेक्ट्स, बाईपास बनाने और जिलों को चार-लेन कनेक्टिविटी देने के साथ-साथ, राज्य एक मजबूत ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बनाने पर भी ध्यान दे रहा है. इससे लंबे समय में आर्थिक विकास होगा और रोड ट्रैवल सेफ, फास्ट और ज्यादा बेहतर होगा.