राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड मामले में अब बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी है. सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. रिपोर्ट में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 6 IAS अधिकारियों, 7 PCS अधिकारियों और करीब 100 इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है. बताया जा रहा है कि जांच के दायरे में साल 2016 से 2024 के बीच जोन-4 और जोन-5 में तैनात रहे प्रवर्तन, जोनल और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी शामिल हैं. SIT ने अपनी जांच में य जानने की कोशिश की कि जिस इमारत में आग लगी, वहां निर्माण और संचालन के दौरान किन अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती थी और किस लेवल पर लापरवाही हुई.
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15 लोगों को गई थी जान
22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी में मौजूद एक अवैध रूप से चलाई जा रही कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी. इस दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की जान चली गई थी, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे. घटना के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए थे. जांच के दौरान सबसे बड़ा सवाल ये सामने आया कि रेसिडेंशियल लैंड्स पर सालों तक कमर्शियल एक्टिविटीज कैसे चलती रहीं. ये भी सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने समय रहते अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई क्यों नहीं की. इसी पहलू को आधार बनाकर SIT ने कई अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है.
किसपर गिरेगी गाज?
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के करीब 100 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं. इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ बाकी कानूनी कदम उठाने की भी सिफारिश की गई है. जानकारी के मुताबिक, SIT अपनी रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपेगी. इसके बाद शासन स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का फाइनल फैसला लिया जाएगा. हालांकि, अभी तक सरकार या SIT की ओर से रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है. अधिकारियों के नामों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में कार्रवाई से जुड़ी अंतिम स्थिति शासन के फैसले के बाद ही साफ होगी.
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