लखनऊ के आशियाना इलाके में शराब कारोबारी पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के आरोपी अक्षत सिंह को घटनास्थल पर ले जाकर पुलिस ने क्राइम सीन रिक्रिएट किया. गौरतलब है कि 49-50 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की उनके ही 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर जंगल में फेंक दिए और धड़ को घर में नीले ड्रम में छिपा दिया. रीक्रिएट किए क्राइम सीन के दौरान अक्षत के चेहरे पर पछतावे की कोई शिकन नहीं थी, बल्कि उसने पुलिस के सामने खुद कबूला कि कैसे उसने अपने ही पिता को मौत के घाट उतारा.

नीट के दबाव ने बेटे को बनाया कातिल

मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहे अक्षत ने पूछताछ में कबूल किया कि पिता उस पर नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दबाव बनाते थे, लेकिन उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता था. पिता के सख्त व्यवहार और बार-बार पढ़ाई के लिए टोकने से तंग आ चुका था. चार साल पहले से पिता के साथ चल रही अनबन इसी बात से बढ़ी. 20 फरवरी की सुबह घर की तीसरी मंजिल पर उसकी पिता से बहस हुई तो अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और गुस्से में गोली मार दी. मौके पर ही मानवेंद्र सिंह की मौत हो गई. इसके बाद उसने साक्ष्यों को मिटाने के लिए किसी मंझे हुए अपराधी की तरह साजिश रची.

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लाश के टुकड़े और नीले ड्रम का रहस्य

हत्या के बाद अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से घसीटते हुए ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में पहुंचाया. वहां उसने एक आरी खरीदी और पिता के शव के टुकड़े कर दिए. उसने हाथ-पैर काटकर कहीं और ठिकाने लगा दिए, जबकि धड़ और सिर को एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर छत पर छिपा दिया. घटना के बाद खुद ही पुलिस में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इतना ही नहीं, उसने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर पिता को खोजने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया ताकि किसी को उस पर शक न हो. घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों ने उसकी पोल खोल दी.

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क्राइम सीन रिक्रिएशन में हुआ खुलासा

पुलिस जब अक्षत को लेकर घटना स्थल पर पहुंची तो उसने सिलसिलेवार तरीके से बताया कि कैसे उसने गोली मारी और कैसे शव को ठिकाने लगाया. फोरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और शव के कुछ हिस्सों को बरामद कर लिया है, जबकि सिर की तलाश अभी जारी है.