Kanpur History Sheeter Ajay Thakur: उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस के बड़े-बड़े दावों की हवा निकालते हुए एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. शहर का शातिर हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर पुलिस को ठेंगा दिखाकर पिछले 43 दिनों से फरार है, लेकिन इस दौरान वह सोशल मीडिया पर पूरी तरह सक्रिय है. पुलिस जिसे जमीन-आसमान एक करके ढूंढने का दावा कर रही है, वह आराम से मॉल और हाईवे पर घूमकर इंस्टाग्राम रील बना रहा है. अब तक उसकी करीब 25 रीलें सामने आ चुकी हैं, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है.
महंत पर हमले के बाद से है फरार
जरीली फेज-वन के रहने वाले अजय ठाकुर पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के 32 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. उस पर पहला मुकदमा साल 2016 में मारपीट और धन उगाही का दर्ज हुआ था, जिसके बाद वह लगातार वारदातों को अंजाम देता गया. हाल ही में 29 अप्रैल को एक महंत पर जानलेवा हमले के मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
भाजपा के झंडे लगी गाड़ियों का काफिला
अजय ठाकुर के इंस्टाग्राम हैंडल (@ajay_thakur1525) से बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक नया वीडियो पोस्ट किया गया. इस ताजा वीडियो में वह भाजपा के झंडे लगी लग्जरी एसयूवी गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ दिखाई दे रहा है. वीडियो में उसका रसूख और रंजिश साफ तौर पर देखी जा सकती है. इससे पहले भी वह कभी गाड़ियों की छतों पर चलते हुए, कभी हाईवे जाम कर प्रदर्शन करते हुए, तो कभी शहर के एक बड़े मॉल के बाहर अपने साथियों के साथ रील पोस्ट कर चुका है. 5 जून को उसने अपने जन्मदिन समारोह का वीडियो भी अपलोड किया था, जिसमें वह समर्थकों के बीच घिरा नजर आया था.
बेबस नजर आ रही कानपुर पुलिस
हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर की इस सोशल मीडिया एक्टिविटी ने कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आम जनता में यह चर्चा तेज है कि जो अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर है, वह सरेआम वीआईपी इलाकों में घूमकर वीडियो कैसे बना रहा है? लगातार वायरल हो रही इन रीलों ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी है और अब देखना यह है कि हाईटेक होने का दावा करने वाली यूपी पुलिस इस शातिर अपराधी को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है.