Kanpur House Tax: कानपुर में रहने वाले मकान मालिकों के लिए हाउस टैक्स यानी प्रॉपर्टी टैक्स समय पर जमा करना बेहद जरूरी है. कानपुर नगर निगम (KNN) शहर के विकास, सड़कों के रख-रखाव और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए हर साल यह टैक्स वसूलता है. पहले के समय में हाउस टैक्स जमा करने के लिए लोगों को नगर निगम के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक के आने से यह काम बेहद आसान हो गया है. अब आप घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से न सिर्फ अपना पुराना टैक्स चेक कर सकते हैं, बल्कि उसका ऑनलाइन भुगतान भी चंद मिनटों में कर सकते हैं.
घर बैठे ऐसे चेक करें अपना हाउस टैक्स
उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले या विशेष रूप से कानपुर में अपना हाउस टैक्स ऑनलाइन चेक करने की प्रक्रिया बहुत सरल है. इसके लिए सबसे पहले आपको कानपुर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वेबसाइट के होम पेज पर आपको ‘प्रॉपर्टी टैक्स इन्फॉर्मेशन’ या ‘पे योर प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन’ का विकल्प दिखाई देगा, जिस पर आपको क्लिक करना होगा. इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां आप अपने वार्ड का नाम, मकान नंबर, यूनिक प्रॉपर्टी आईडी या मालिक के नाम के जरिए अपना टैक्स सर्च कर सकते हैं. जैसे ही आप सही जानकारी भरकर सबमिट करेंगे, आपकी स्क्रीन पर बकाया हाउस टैक्स की पूरी डिटेल खुलकर आ जाएगी.
यह भी पढ़ें: Kanpur Court Holiday List 2026: कब-कब बंद रहेंगी अदालतें, यहां देखें कानपुर कोर्ट की छुट्टियों की पूरी लिस्ट
ऑनलाइन और ऑफलाइन पेमेंट का आसान तरीका
कानपुर में हाउस टैक्स भरने के लिए नगर निगम ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधाएं दी हैं. ऑनलाइन भुगतान करने के लिए जब आप ऊपर बताए गए तरीके से अपना बिल सर्च कर लेंगे, तो वहीं पर आपको ‘पे ऑनलाइन’ का बटन मिलेगा. इस पर क्लिक करके आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई के जरिए सुरक्षित तरीके से पेमेंट कर सकते हैं. भुगतान सफल होने के बाद आपको डिजिटल रसीद मिल जाएगी, जिसे आप डाउनलोड करके रख सकते हैं. जो लोग ऑफलाइन पेमेंट करना चाहते हैं, वे अपने नजदीकी नगर निगम जोन कार्यालय या तय बैंकों की शाखा में जाकर नकद, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए टैक्स जमा कर सकते हैं.
टैक्स की दरें और आखिरी तारीख का रखें ध्यान
कानपुर नगर निगम में हाउस टैक्स की गणना मुख्य रूप से प्रॉपर्टी की लोकेशन, साइज, कंस्ट्रक्शन के प्रकार और उसके एनुअल रेंटल वैल्यू (ARV) यानी सालाना किराये के मूल्य के आधार पर की जाती है. आवासीय संपत्तियों के लिए सामान्य क्षेत्रों में टैक्स की दर एनुअल रेंटल वैल्यू की 8 से 10 प्रतिशत तक होती है, जबकि प्रीमियम क्षेत्रों और किराये पर उठी संपत्तियों के लिए यह दर 15 प्रतिशत तक हो सकती है. कमर्शियल यानी व्यावसायिक संपत्तियों पर यह दर 18 से 20 प्रतिशत तक जाती है. हाउस टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख हर साल 31 मार्च होती है. अगर आप शुरुआती महीनों यानी अप्रैल से जून के बीच एडवांस टैक्स चुकाते हैं, तो नगर निगम की तरफ से आपको रिबेट यानी विशेष छूट भी मिलती है, जबकि देरी करने पर प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज और पेनल्टी भुगतनी पड़ सकती है.
संबंधित खबरें
अंकिता भंडारी केस: धामी सरकार की संवेदनशीलता और सख्त कार्रवाई
5 hrs agoअंकिता भंडारी केस: धामी सरकार की पैरवी, दोषियों को उम्रकैद
7 hrs ago'3 महीने में कराएं चुनाव', यूपी पंचायत इलेक्शन पर हाईकोर्ट ने दिया आदेश
9 hrs agoसीएम योगी बोले- ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता बन रही यूपी की नारी
9 hrs agoइश्क, धोखा और मर्डर…, सौरभ हत्याकांड को साहिल-मुस्कान ने कैसे दिया अंजाम?
10 hrs agoनीले ड्रम वाली मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, सौरभ मर्डर केस में फैसला
11 hrs agoयूपी के शाहजहांपुर में क्या कर रही बांग्लादेश की ट्रेन? देखने को उमड़ी भीड़
14 hrs agoUP में BJP के बड़े नेता को उनके ही फार्महाउस में बनाया बंधक, लूटे 50 लाख
16 hrs agoआजम खान पर ED का एक्शन, सरकारी धन के गबन-धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज
17 hrs agoकौन हैं सपा को झटका देने वाले 3 विधायक, BJP के सामने क्या होंगी चुनौतियां?
17 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines