Joshimath Land Subsidence: उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ में निर्माण परियोजनाओं, गतिविधियों पर लगाई रोक

Joshimath Land Subsidence
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Joshimath Land Subsidence: उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ शहर में सभी तरह की निर्माण परियोजनाओं और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने शनिवार को कहा कि उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ और उसके आसपास सभी निर्माण गतिविधियों को रोक दिया गया है, क्योंकि कस्बे की इमारतों में दरारें आ गई हैं।

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जोशीमठ में स्थिति को देखते हुए सभी निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शहर का दौरा करने और भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण करने का कार्यक्रम है।

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राहत शिविरों का भी दौरा करेंगे धामी

जिलाधिकारी ने कहा, “जोशीमठ में स्थानीय स्थिति को देखते हुए, अगले आदेश तक सभी प्रकार के निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। मुख्यमंत्री जोशीमठ के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण करेंगे और यहां राहत शिविरों का भी दौरा करेंगे।” उधर, जोशीमठ के स्थानीय लोगों ने भू-धंसाव के मामले को सरकार और प्रशासन से गंभीरता से लेने के विरोध में गुरुवार की सुबह बद्रीनाथ हाईवे को जाम कर दिया।

चमोली जिला प्रशासन के शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार कुल 561 प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें रविग्राम वार्ड में 153, गांधीनगर वार्ड में 127, मारवाड़ी वार्ड में 28, लोअर बाजार वार्ड में 24, सिंहधर वार्ड में 52, मनोहर बाग के 71 प्रतिष्ठान शामिल हैं। अपर बाजार वार्ड में 29 वार्ड में सुनील वार्ड में 27 और परसारी में 50 में दरारें आने की सूचना है, जिसके कारण आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत होटल व्यू और मलारी इन के संचालन को अगले आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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अब तक 38 परिवार विस्थापित हो चुके

गुरुवार को नौ परिवार विस्थापित हुए, जिनमें चार परिवार जोशीमठ नगर निगम, एक गुरुद्वारा जोशीमठ, एक टूरिस्ट हॉस्टल मनोहर बाग व अन्य शामिल हैं। कुल मिलाकर अब तक कुल 38 परिवार विस्थापित हो चुके हैं।

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गौरतलब है कि जोशीमठ नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पवार ने कहा कि मारवाड़ी वार्ड में जमीन के अंदर से पानी के रिसाव के कारण घरों में बड़ी दरारें आ गई हैं। इस बीच, जोशीमठ में लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए राज्य सरकार ने स्थिति का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम को इलाके में भेजा है।

एनडीआरएफ की टीम तैनात

चमोली के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को भी इलाके में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, “हमें भविष्य के लिए सतर्क रहना होगा, इसलिए एहतियात के तौर पर NDRF को तैनात किया जा रहा है।”

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उन्होंने कहा, “लगातार भूस्खलन के कारण NDRF को बुलाया गया है और विशेषज्ञों की टीम आज सुबह से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रही है।” उन्होंने कहा कि इसमें भूवैज्ञानिक, भवन विशेषज्ञ, आईआईटी और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं।

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