गाजियाबाद से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ तेजी से हो रहा है. जासूसी के आरोप में रविवार को गिरफ्तार तीन संदिग्धों से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि झारखंड का प्रसिद्ध देवघर मंदिर भी इन जासूसों के निशाने पर था.जासूस के पास से बरामद मोबाइल और दस्तावेजों से पता चला है कि वह मंदिर की रेकी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सीमा पार भेजने की फिराक में था.
बिहार के नौशाद अली को पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज ने स्पष्ट टास्क दिया था – देवघर मंदिर का वीडियो बनाना, जीपीएस लोकेशन जुटाना और तुरंत पाकिस्तान भेजना. नौशाद इस गैंग का मुख्य हैंडलर था, जो पहले पकड़े गए सुहेल मलिक की तरह काम करता था.

सोशल मीडिया पर तीनों पाकिस्तान से जुड़े थे

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, नौशाद ने दिल्ली कैंट इलाके में घुसकर वहां की गतिविधियों की रेकी की और वीडियो भेजे. एक बड़े उद्योगपति के घर की भी रेकी करने की बात कबूल की. आरोपी सोशल मीडिया पर एक विशेष ऐप के जरिए पाकिस्तान से जुड़े थे. सरफराज ने खुद ट्रेनिंग दी थी. नौशाद ने मीरा नामक महिला से इसी नेटवर्क के जरिए संपर्क किया, जो अवैध हथियार तस्करी से भी जुड़ी है. सुहेल मलिक, नौशाद अली और समीर तीनों मिलकर अलग-अलग इलाकों में संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाते थे. मीरा के फोन में 100 से ज्यादा लोकेशन के वीडियो-फोटो मिले हैं.

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जासूसी के बाद हवाला पर शिकंजा

जांच एजेंसियां अब हवाला नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हैं. पाकिस्तान में बैठा मास्टरमाइंड सरफराज जासूसों को पंजाब रूट से हवाला के जरिए पैसे भेजता था. पुलिस फाइनेंशियल ट्रेलिंग कर रही है और आरोपियों के बताए दुकानों, करीबियों व मनी ट्रांसफर सेंटर्स की जांच कर रही है. यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया पर युवाओं को लुभाकर बनाया गया था, जिसमें तकनीकी दक्ष लोगों को शामिल किया जाता था. देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था, लेकिन समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की.

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