Jewar vs Delhi IGI Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत हो चुकी है. 15 जून 2026, सोमवार को जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए पहली फ्लाइट सफलतापूर्वक रवाना की गई. वहीं जुलाई महीने से देश के 16 अलग-अलग शहरों के लिए यहाँ से रेगुलर उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी. इस नए विकल्प के आने के बाद अब दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के सामने यह बड़ा सवाल है कि वे अपनी यात्रा के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई) को चुनें या नोएडा के जेवर एयरपोर्ट को. अब तक लोगों के पास सिर्फ दिल्ली एयरपोर्ट का ही रास्ता था, लेकिन अब फैसला सिर्फ हवाई किराए से नहीं, बल्कि घर से एयरपोर्ट पहुंचने के समय और खर्च से तय होगा.

नोएडा और वेस्ट यूपी के जिलों के लिए नया और आसान रास्ता

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, नोएडा एक्सटेंशन या यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले लोगों के लिए जेवर एयरपोर्ट पहली पसंद बनने जा रहा है. इन इलाकों से दिल्ली एयरपोर्ट जाने में भारी ट्रैफिक के कारण घंटों का समय बर्बाद होता है, जबकि जेवर पहुंचना काफी आसान रहेगा. इसके अलावा आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस और बुलंदशहर जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों की तस्वीर भी पूरी तरह बदलने वाली है. इन शहरों के यात्रियों को अब फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली तक की लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनके समय और यात्रा के खर्च दोनों की बड़ी बचत होगी.

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गाजियाबाद के लिए कड़ी टक्कर और गुरुग्राम की पुरानी पसंद

गाजियाबाद के निवासियों के लिए दोनों ही एयरपोर्ट लगभग बराबरी की टक्कर में रहने वाले हैं. आप शहर के किस हिस्से में रहते हैं, फैसला उसी पर निर्भर करेगा. पूर्वी गाजियाबाद और एनएच-9 के पास रहने वालों के लिए जेवर जाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, जबकि दिल्ली से सटे हिस्सों के लिए आईजीआई अब भी बेहतर रहेगा. दूसरी तरफ गुरुग्राम, द्वारका, जनकपुरी और पश्चिमी दिल्ली के अधिकांश इलाकों के लिए आईजीआई एयरपोर्ट ही सबसे आगे रहेगा. इन क्षेत्रों से दिल्ली एयरपोर्ट काफी पास है, इसलिए यहां के यात्री जब तक कोई बहुत बड़ी वजह न हो, तब तक जेवर जाने का लंबा सफर तय करना पसंद नहीं करेंगे.

टिकट बुक करने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान

फ्लाइट की बुकिंग करते समय यात्रियों को केवल हवाई टिकट की कीमत देखकर ही फैसला नहीं लेना चाहिए. समझदारी इसी में है कि आप अपने घर से एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय, टैक्सी का किराया, रास्ते का टोल, पार्किंग चार्ज और ट्रैफिक जाम जैसी सभी जरूरी बातों को आपस में जोड़कर हिसाब लगाएं. कई बार ऐसा हो सकता है कि दिल्ली से फ्लाइट का टिकट थोड़ा सस्ता मिल रहा हो, लेकिन वहां तक पहुंचने का गाड़ी का खर्च और समय आपकी जेब पर भारी पड़ जाए. इसलिए दोनों विकल्पों की पूरी जांच-परख करने के बाद ही अपनी यात्रा को आसान और किफायती बनाएं.