मुख्य जानकारी:
- 3600 करोड़ रुपये की लागत से बना 58 किमी एक्सप्रेसवे.
- एआईएमजीसी तकनीक का भारत में पहला इस्तेमाल.
- यात्रा समय घटकर 35-45 मिनट रह जाएगा.
- 100 एआई कैमरे और तुरंत रेस्क्यू व्यवस्था.
- डिफेंस कॉरिडोर और व्यापार को बड़ा बूस्ट.
Kanpur-Lucknow Expressway: उत्तर प्रदेश को आज एक नया तोहफा मिलने वाला है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 13 जुलाई को बहुप्रतीक्षित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने वाले हैं. 3600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार है. इसमें चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, 11 पैदल अंडरपास और 13 हल्के वाहन अंडरपास बनाए गए हैं. सरकार का दावा है कि पहले दो घंटे से ज्यादा लगने वाला कानपुर-लखनऊ सफर अब महज 35 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा. एक्सप्रेसवे शुक्लागंज-उन्नाव बायपास से शुरू होता है और लखनऊ के शहीद पथ पर खत्म होता है. यह सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुलतानपुर जैसे जिलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देगा.
नई तकनीक और स्मार्ट फीचर्स
यह भारत का पहला मशीन गाइडेड एक्सप्रेसवे है जिसे एआईएमजीसी यानी ऑटोमेटेड इंटेलिजेंट मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन तकनीक से बनाया गया है. पहले यह तकनीक सिर्फ अमेरिका और जर्मनी में इस्तेमाल होती थी. जीपीएस गाइडेड मशीनों ने सड़क की परत को बिल्कुल सटीक बनाया है. एक्सप्रेसवे पर 100 एआई कैमरे लगे हैं जो सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट संभालेंगे. हादसा होने पर 15 मिनट में मदद पहुंच जाएगी. 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर चलने वालों का ऑटो चालान भी हो सकेगा. 45 किलोमीटर ग्रीनफील्ड और 13 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा मिलाकर यह बेहद मजबूत बना है.
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल दरें:
| वाहन प्रकार | सिंगल जर्नी | 24 घंटे में वापसी | मासिक पास |
|---|---|---|---|
| कार, जीप, वैन | 275 रुपये | 415 रुपये | 9,220 रुपये |
| हल्का कमर्शियल वाहन | 445 रुपये | 670 रुपये | 14,890 रुपये |
| बस व ट्रक | 935 रुपये | 1,405 रुपये | 31,200 रुपये |
| थ्री एक्सल कमर्शियल वाहन | 1,020 रुपये | 1,530 रुपये | 34,040 रुपये |
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आर्थिक महत्व और फायदा
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर को मजबूत करेगा और उद्योग, लॉजिस्टिक्स व माल ढुलाई को बड़ा बूस्ट देगा. बेहतर गुणवत्ता की वजह से सड़क लंबे समय तक टिकेगी और रखरखाव का खर्च भी कम होगा. सरकार इसे पूरे देश में फैलाने की तैयारी कर रही है. यह प्रोजेक्ट भविष्य के हाईवे निर्माण के लिए नया मानक स्थापित करेगा.
निष्कर्ष:
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देगा. आधुनिक तकनीक से बना यह हाईवे समय बचाएगा, दुर्घटनाएं कम करेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा. यह पूरे देश के लिए नया मॉडल साबित होगा.
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