भारत का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे, अब सिर्फ 15 मिनट में पूरा होगा वाराणसी का सफर, 96% काम हुआ पूरा

Varanasi Ropeway: वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है. यहां काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. खासकर त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है.

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रेलवे स्टेशन से प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचना भी आसान हो सकता है. (Photo: Insta/@avimuktkashii_)

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही सफर आसान होने वाला है. शहर में भारत का पहला सार्वजनिक परिवहन रोपवे शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है. कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक बनने वाले इस प्रोजेक्ट का करीब 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है. इसके शुरू होने के बाद यात्रियों को रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक पहुंचने में महज 15 से 16 मिनट लगेंगे. फिलहाल सड़क मार्ग से इसी दूरी को तय करने में भारी ट्रैफिक के चलते 45 मिनट तक का समय लग जाता है.

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645 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा रोपवे

काशी रोपवे परियोजना का निर्माण करीब 645 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है. यह रोपवे करीब 4.2 किलोमीटर लंबा होगा. प्रोजेक्ट के तहत करीब 220 केबल कार संचालित करने की योजना है. एक केबल कार में एकसाथ 10 यात्री सफर कर सकेंगे. इससे एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को शहर के व्यस्त इलाकों से गुजरने में आसानी होगी.

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कौन-कौन से रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी केबल कार?

इस रोपवे का रूट कैंट रेलवे स्टेशन से शुरू होकर गोदौलिया चौक तक जाएगा. रास्ते में कुल 5 स्टेशन बनाए गए हैं. इनमें वाराणसी कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौक शामिल हैं। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के बीच आवागमन को आसान बनाना है. प्रोजेक्ट की एक खास बात इसकी केबल कारों का डिजाइन भी है. इन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर और वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों की वास्तुकला से प्रेरित रूप दिया गया है.

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पर्यटन और यातायात दोनों को मिलेगा फायदा

गौरतलब है कि वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है. यहां काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. खासकर त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है. ऐसे में सार्वजनिक परिवहन रोपवे शुरू होने से सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने और यात्रियों का समय बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है. साथ ही रेलवे स्टेशन से प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचना भी आसान हो सकता है. करीब 96 फीसदी निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब इस परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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