उत्तर प्रदेश में जहां आम लोग रसोई गैस के लिए परेशान हैं, वहीं हापुड़ जिले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने कालाबाजारी और जमाखोरी का बड़ा मामला सामने ला दिया है. एक नेता अब्दुल रेहान के घर पर छापेमारी में 55 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए हैं. यह घटना उस समय हुई जब इलाके में गैस की भारी किल्लत और ऊंचे दामों पर कालाबाजारी की शिकायतें लगातार आ रही थीं. प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ लोग संकट का फायदा उठाकर गैस सिलेंडर जमा कर रहे हैं. इसी आधार पर संबंधित विभागों की टीम ने अब्दुल रेहान के घर पर छापा मारा. जांच में घर के अंदर और स्टोरेज एरिया में कुल 55 सिलेंडर जब्त किए गए.
ये सिलेंडर कहां से आए?
हापुड़ देहात थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज के अनुसार, आरोपी रेहान के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. हालांकि, सजा का प्रावधान 7 साल से कम होने के कारण आरोपी को थाने से जमानत मिल गई है. प्रारंभिक जांच में अवैध जमाखोरी की पुष्टि हो रही है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये सिलेंडर कहां से आए? क्या इन्हें ऊंचे दाम पर बेचने की तैयारी थी? क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. योगी सरकार ने पहले ही जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
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स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें कई दिनों तक गैस एजेंसी के चक्कर काटने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जब आम नागरिक को एक सिलेंडर के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, तब कुछ लोग इतनी बड़ी मात्रा में गैस जमा करके कालाबाजारी कर रहे थे. कई लोगों ने बताया कि उन्हें बुकिंग के बावजूद 20-25 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि यहां इतने सारे भरे सिलेंडर छिपाकर रखे गए थे. प्रशासन अब उस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा है जो इस जमाखोरी के पीछे सक्रिय है.
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