Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में छाई जीरो विजिबिलिटी वाली घनी धुंध गुरुग्राम के टेक्निशियन के लिए काल बन गई. घटना बीती रात सेक्टर 150 में हुई, जब गुरुग्राम से 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता अपने घर लौट रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ता नजर नहीं आया और उनकी कार नाले की बाउंड्री से टकराकर 70 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिसमें भरे पानी में डूबकर उनकी मौत हो गई. युवराज ने दम तोड़ने से पहले आखिरी फोन अपने पिता को फोन किया था.
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70 फीट गहरे गड्ढे में गिरी कार
नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के प्रभारी सर्वेश कुमार ने हादसे की पुष्टि की और बताया कि युवराज मेहता नामक शख्स के कार समेत 70 फीट गहरे पानी से गड्ढे में गिर गए थे. लोगों ने उनकी कार को जल निकासी बेसिनों को अलग करने वाली पहाड़ी से टकराकर नीचे गिरते देखा था. लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी. साथ ही युवराज को कार से निकालने की कोशिश भी की, लेकिन वे नाकाम रहे. पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेश से पहले युवराज दम तोड़ चुका था और फिर कार से उसका शव मिला.
पिता से जान बचाने को कहा था
थाना प्रभारी सर्वेश कुमार के अनुसार, पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच युवराज के पिता राजकुमार उसका नंबर ट्रेस करते हुए हादसास्थल तक पहुंचे. उन्होंने पुलिस को बताया कि युवराज ने उन्हें कॉल किया था और उसने ही हादसास्थल के बारे में बताते हुए कहा था कि वह डूब रहा है, लेकिन वह मारना नहीं चाहता, इसलिए उसे आकर बचा लूं और इतना कहते ही पिता राजकुमार बेहोश हो गए. जब तक उन्हें होश आया, पुलिस युवराज के शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को दे चुकी थी.
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पिता ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत
वहीं घटनाक्रम से लोगों में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि हादसा सड़क पर रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण हुआ है, जो सरकार की लापरवाही का नतीजा है. मृतक युवराज के पिता ने पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें युवराज की मौत के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है. शिकायत में बताया गया है कि न तो सर्विस रोड पर कहीं भी रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही नालों को कवर किया, जिस वजह से युवराज हादसे का शिकार हुआ. रिफ्लेक्टर और साइनबोर्ड लगाने की मांग की है.
5 घंटे में निकाली गई गड्ढे से कार
बता दें कि स्थानीय पुलिस ने गोताखोरों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों के मदद से 5 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार को बाहर निकाला, जिसके अंदर युवराज का शव मिला. वहीं लोगों के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद आक्रोश बढ़ता देखकर प्रशासन ने गड्ढे को कूड़े से भर दिया.
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