Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गोलचक्कर पर लगेंगे स्थाई बैरियर, जानें कौन सी यात्रा का हो रहा है वेट

ग्रेटर नोएडा वेस्ट कई गोलचक्कर पर डायवर्जन लागू है। डायवर्जन के तहत वाहनों की आवाजाही के लिए गोल चक्कर के दोनों तरफ यू टर्न बने हैं। आने वाले दिनों में जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। पढ़े प्रवीण विक्रम सिंह की रिपोर्ट

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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के 130 मीटर रोड पर कई गोलचक्कर पर डायवर्जन लागू है। डायवर्जन के तहत वाहनों की आवाजाही के लिए गोल चक्कर के दोनों तरफ यू टर्न बना दिए गए हैं। गोलचक्कर को बैरियर से बंद कर दिया गया है। यह बैरियर अभी टेंपरेरी रूप से काम कर रहे हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा दावा किया गया है कि कावड़ यात्रा के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गोल चक्करों पर स्थाई बैरियर लगा दिए जाएंगे। जाम की समस्या आने वाले दिनों में समाप्त हो जाएगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक मूर्ति गोलचक्कर पर नोएडा पुलिस के बैरियर समेत कई अन्य बैरियर और लोहे के ग्रिल को आपस में रस्सी से बांधकर अस्थाई बैरियर के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। अस्थाई बैरियर को कई बार राहगीर खोल देते हैं। बैरियर खुलते ही दो पहिया वाहन और ई रिक्शा की आवाजाही शुरू हो जाती है, इससे डायवर्जन प्लान फेल हो जाता है और जाम की समस्या फिर से पैदा हो जाती है।

दोनों तरफ लागू है डायवर्जन

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से गोलचक्कर पर दोनों तरफ से डायवर्जन लागू किया गया है। इटेडा गोलचक्कर पर टूटे स्ट्रीट लाइट पोल, बड़े-बड़े पत्थर और लोहे के बैरियर से गोलचक्कर के एक हिस्से को बंद करके डायवर्जन लागू किया गया है। स्थाई रूप से बैरियर होने पर जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। हालांकि इन अस्थाई बैरियर से लोगों को कुछ हद तक जाम से मुक्ति मिली भी है, लेकिन गोलचक्करों पर स्थाई बैरियर न होने से कई बार डायवर्जन प्लान पूरी तरह से लागू नहीं हो पता है।

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मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी शिकायत

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर गोलचक्करों पर स्थाई बैरियर लगाकर जाम की खत्म करने की मांग की थी। उसके जवाब में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह ने बताया है कि आने वाले समय में होने वाली कावड़ यात्रा की दृष्टिगत अस्थाई बैरियर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे वाहनों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। कावड़ यात्रा पूरी होने के बाद स्थाई बैरियर के बारे में विचार किया जाएगा।

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