Greater Noida News: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 40-40 हजार के दो ईनामी बदमाशों को धर दबोचा है। दोनों सगे भाई हत्या के मामले में 16 साल से फरार चल रहे थे। दोनों पर मुजफ्फरनगर के थाना भोपा में दो हत्या के मामले दर्ज है। दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर स्थित एसटीएफ कार्यालय से की गई।
हत्या, रंजिश और फरारी की कहानी
एडिशनल एसपी एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि गांव भोपा, मुजफ्फरनगर निवासी धीरज और नीरज ने वर्ष 2007 से 2010 के बीच दो हत्याओं को अंजाम दिया था। 1 मई 2007 को ताऊ के बेटे की हत्या का प्रयास किया गया। 11 अगस्त 2009 को एक रिश्तेदार विनोद की गोली मारकर हत्या की गई। 12 मई 2010 को आपसी जमीनी विवाद के चलते अपने ताऊ राजकरण की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
कई आरोपियों को हो चुकी है सजा
हत्या के मामले में कई आरोपियों को सजा भी हो चुकी है। ऐसे में दोनों आरोपी सगे भाई पुलिस को चकमा देकर लंबे समय से फरार चल रहे थे। दोनों की तलाश में कई टीमें पिछले कई सालों से लगी हुई थी। अब जाकर 16 साल बाद एसटीएफ के हाथ सफलता लगी है।
नाम बदल कर रह रहे थे आरोपी
आरोपी धीरज गुजरात के अहमदाबाद में संजय नाम से रह रहा था। नीरज राजस्थान के जयपुर में सतेन्द्र नाम से छिपकर रह रहा था। एसटीएफ की टीमें दोनों राज्यों में भेजी गई। आज शुक्रवार को दोनों को गिरफ्तार कर नोएडा लाया गया, जहां पूछताछ के बाद दोनों को हिरासत में लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस को सौंपा गया।
गिरफ्तारी पर इनाम
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक कार्यालय द्वारा 2010 में इन दोनों आरोपियों पर 40-40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। दोनों भाईयों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर एक्ट कुल 7 से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज है।