Greater Noida News: दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा में विकसित की जा रही स्मार्ट इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योग स्थापित करना अब पहले की तुलना में महंगा हो गया है। औद्योगिक भूखंडों की आवंटन दर में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब यह दर 23,900 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 27,000 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई है।
बोर्ड से मिली मंजूरी
इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड की हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। इसके बाद संबंधित आदेश जारी कर दिए गए है। नई दरें चालू वित्तीय वर्ष से प्रभावी मानी जाएंगी। इसके साथ ही नई योजना भी लागू कर दी गई है, जिसमें 1 सितंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी और आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर तय की गई है।
अब तक 26 भूखंड हो चुके हैं आवंटित
इंटीग्रेटेड टाउनशिप में उद्योगों के लिए कुल 38 भूखंड आरक्षित है। अब तक 26 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। शेष 12 भूखंडों का आवंटन अब बढ़ी हुई दर पर किया जाएगा। इस टाउनशिप को 750 एकड़ में विकसित किया जा रहा है जिसमें उद्योगों के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 7 और ग्रुप हाउसिंग के लिए 4 भूखंड भी आरक्षित हैं। हालांकि इन दोनों श्रेणियों में अब तक कोई आवंटन नहीं हुआ है। इनकी दरों में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहले ही कर चुका है बढ़ोत्तरी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपनी अन्य औद्योगिक संपत्तियों की दरों में पहले ही औसतन 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर चुका है। भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार आधारित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। आवेदक कंपनियों की पृष्ठभूमि, निवेश प्रस्ताव, रोजगार सृजन क्षमता आदि को ध्यान में रखते हुए चयन किया जाएगा।
क्या बोली एसीईओ?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड टाउनशिप में औद्योगिक भूखंडों की आवंटन दर में संशोधन कर दिया गया है। बोर्ड से मंजूरी के बाद नई दरें लागू कर दी गई है। एक सितंबर से योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।