ग्रेटर नोएडा में पड़ोसियों के लिए सिर दर्द बने दो मकान मालिक, बेसमेंट खुदाई से मकान में आई दरारों से संकट में जान

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई 1 में दो मकान मालिकों द्वारा बेसमेंट की अधिक खुदाई से पड़ोसी मकान में दरारें आ गईं। डर के कारण परिवार ने घर खाली कर दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दोनों पर मुकदमा दर्ज कराया है और अब मकानों का स्ट्रक्चरल ऑडिट व सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा से प्रवीण विक्रम सिंह की रिपोर्ट।

Greater Noida

ग्रेटर नोएडा में बढ़ा पड़ोसियों का सिरदर्द (फाइल फोटो)

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ग्रेटर नोएडा शहर के सेक्टर पाई 1 में मकान के निर्माण के दौरान दो मकान मालिकों ने बेसमेंट की इतनी खुदाई करवा दी कि पड़ोसियों के मकान में दरार आ गई। पड़ोसियों को जान का संकट सता रहा है। डर के चलते वह मकान में नहीं रह रहे हैं। पीड़ित ने इस मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से शिकायत की। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक सुनील त्यागी ने दो मकान मालिक नितिन बंसल और जनार्दन प्रसाद के खिलाफ बीटा 2 कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।

प्राधिकरण ने किया था आवंटन

प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक सुनील त्यागी की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि सेक्टर पाई 1 में दो आवंटी नितिन बंसल और जनार्दन प्रसाद ने मकान के निर्माण के लिए बेसमेंट खुदाई की परमिशन मांगी थी। प्राधिकरण की तरफ से दोनों को परमिशन दे दी गई, लेकिन अनुमति के विपरीत दोनों आवंटियों ने अधिक बेसमेंट की खुदाई कर दी। इस वजह से पड़ोसी के मकान में दरार आ गई। पड़ोसी को जान का खतरा सता रहा है। वहीं, पुलिस ने दोनों भूखंड मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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3 दिन पहले भी बेसमेंट खुदाई के दौरान हुआ था हादसा

ग्रेटर नोएडा में 3 दिन पहले ही इकोटेक एक क्षेत्र में बेसमेंट खुदाई के दौरान दीवार गिर गई थी। मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। आसरा कंपनी में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की थी। बेसमेंट खुदाई के दौरान पड़ोसी दीवार व मकान में आने वाली दरारों के चलते होने वाली घटनाओं से लोगों को सबक लेने की जरूरत है। पिछले वर्ष 2024 में भी नवंबर में नोएडा के सेक्टर 63 में बेसमेंट खुदाई के दौरान मकान व दुकान गिरने से चार लोग मलबे में दब गए थे।

परमिशन देने के बाद नहीं हुई निगरानी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से दो अवंतियों को मकान का बेसमेंट खोदने की अनुमति तो दे दी गई, लेकिन उसके बाद किसी तरह की निगरानी नहीं की गई। यदि निगरानी की गई होती तो आवंटी इतना ज्यादा बेसमेंट नहीं खोद पाते कि पड़ोसी की मकान में दरार आ जाती। हालांकि प्राधिकरण ने दावा किया है कि इस मामले में किसी भी तरीके से पीड़ित को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। स्ट्रक्चरल ऑडिट करके मकान की मजबूती का पता लगाने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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प्राधिकरण की तरफ से किया जाएगा सर्वे

जिन मकानों में दरार आई है उन मकानों का सर्वे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से किया जाएगा। टेक्निकल एक्सपर्ट के माध्यम से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि दरार आने की वजह से मकान कमजोर तो नहीं हुआ है। यदि ऐसा होता है तो जिन दो मकान मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उन दोनों को पीड़ित को मकान के निर्माण लागत के अलावा अन्य हर्जाना भी देना होगा।

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