Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-एनसीआर के लाखों वाहन चालकों को जाम के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए एक बेहद शानदार खुशखबरी सामने आई है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दिल्ली के भीतर आने वाला पहला हिस्सा यानी डीएनडी फ्लाईवे से जैतपुर तक का रूट कुछ ही दिनों में पूरी तरह से खुलने जा रहा है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस पूरे कॉरिडोर का बारीकी से निरीक्षण किया है और संकेत दिए हैं कि इसका उद्घाटन बहुत जल्द किया जा सकता है. इस एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के शुरू होने से नोएडा, पूर्वी दिल्ली और साउथ दिल्ली के लोगों को शहर की बेहद भीड़भाड़ वाली सड़कों से नहीं गुजरना पड़ेगा और उनका सफर पूरी तरह से सिग्नल फ्री हो जाएगा.
साउथ दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट सिर्फ 45 मिनट में
इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 31.5 किलोमीटर लंबा एक नया लिंक रोड बनाया जा रहा है. इस लिंक रोड के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद साउथ दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट पहुंचने का समय घटकर महज 45 मिनट रह जाएगा. यह नया रूट दिल्ली, फरीदाबाद और आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले हवाई यात्रियों के लिए सबसे प्रमुख और सीधा रास्ता बनेगा. इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की तरफ जाने वाले वाहनों को बिना किसी शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे आगे निकलने का एक बेहतरीन और तेज जरिया देगा.
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इंजीनियरिंग का कमाल और 34,000 करोड़ का मेगा प्लान
इस पूरे प्रोजेक्ट में तकनीकी रूप से सबसे खास आकर्षण 142.3 करोड़ रुपये की लागत से बना 'नेटवर्क आर्क ब्रिज' है. अत्याधुनिक इंजीनियरिंग सिस्टम से तैयार किए गए इस पुल में मजबूत स्टील सिस्टम और रबर बेयरिंग का इस्तेमाल किया गया है. इस पुल के पियर कैप्स 36.4 मीटर चौड़े हैं जो भारत में सबसे चौड़े माने जा रहे हैं और इसका आर्क रिब 47 मीटर ऊंचा है जो देखने में बेहद भव्य लगता है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए करीब 34,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार अब तक राजधानी क्षेत्र में हाईवे और कनेक्टिविटी के लिए 1.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है.
पर्यावरण का भी रखा ख्याल और बनेगा जंगल सफारी
यह महापरियोजना सिर्फ पक्की सड़कों और कंक्रीट के पुलों तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें पर्यावरण संतुलन का भी विशेष ध्यान रखा गया है. इस प्रोजेक्ट के तहत एनटीपीसी द्वारा पहले फ्लाई ऐश यानी राख डंप करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लगभग 10 हेक्टेयर जमीन पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण का काम किया जा रहा है. दिल्ली सरकार की मदद से अब इस जगह को एक खूबसूरत जंगल सफारी प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस बड़े कदम से दिल्ली-एनसीआर में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ हरियाली को बढ़ावा मिलेगा और आम जनता को घूमने के लिए एक नया और बेहतरीन ग्रीन स्पेस भी मिल सकेगा जिससे विकास और पर्यावरण दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे.