Gonda Train Accident : उत्तर प्रदेश के गोंडा में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। ट्रेन दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के रेलवे स्टेशन और थानों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। राहत और कार्य में जुटीं एक महिला थानाध्यक्ष हादसे का मंजर देखकर बेहोश हो गईं। हादसे के बाद लोको पायलट की भी तबीयत बिगड़ गई।
मोतीगंज-झिलाही रेलवे स्टेशन के बीच पिकौरा कोयरीपुर गांव के पास गुरुवार दोपहर 2.37 बजे भीषण ट्रेन हादसा हुआ। बेपटरी हुई ट्रेन की वजह से कोच में बैठे यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे वे लहुलूहान हो गए। गोंडा के मोतीगंज थाने की एसओ प्रतिभा सिंह मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य के दौरान वह बेहोश हो गईं।
डॉक्टरों ने एसओ-लोको पायलट की जांच की
एक तरफ थानाध्यक्ष प्रतिभा सिंह बेहोश हुईं तो दूसरी तरफ चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के लोको पायलट की भी हालत बिगड़ गई। घटनास्थल पर मौजूद डॉक्टरों ने थानाध्यक्ष और लोको पायलट का चेकअप किया। डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट बीट बढ़ने की वजह से दोनों की तबीयत बिगड़ी थी और अब वे खतरे से बाहर हैं। यह भी कहा जा रहा है कि हादसे के बाद लहूलुहान यात्रियों को देखकर दोनों की तबीयत बिगड़ गई थी।
गोंडा ट्रेन हादसे में 4 यात्रियों की मौत
आपको बता दें कि गोंडा ट्रेन हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग जख्मी हैं। रेल मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख और घायलों को ढाई लाख मुआवजा देने की घोषणा की। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के यात्रियों को बस से मनकापुर भेजा गया, जहां से उन्हें स्पेशल ट्रेन से उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जाएगा।