दिल्ली-एनसीआर में सूरज के कड़े तेवर और बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है. गौतमबुद्धनगर में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और हीट वेव के खतरनाक असर को देखते हुए जिला प्रशासन ने मासूम बच्चों को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया गया है ताकि बच्चों को दोपहर की जानलेवा धूप से बचाया जा सके. यह फैसला बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लू के कारण स्कूलों में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबरें आ रही थीं.

अब इतने बजे होगी स्कूलों की छुट्टी

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक अब स्कूलों के खुलने और बंद होने का समय पूरी तरह बदल गया है. कल यानी 27 अप्रैल से गौतमबुद्धनगर के सभी स्कूल सुबह 07:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 12:30 बजे ही छुट्टी कर दी जाएगी. पहले यह स्कूल दोपहर बाद तक चलते थे लेकिन अब बच्चों को कड़ी धूप निकलने से पहले ही घर भेजने की व्यवस्था की गई है. प्रशासन का मानना है कि इस समय बदलाव से बच्चों को चिलचिलाती गर्मी और दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं के सीधे संपर्क में आने से काफी हद तक बचाया जा सकेगा.

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सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा नियम

यह नया नियम केवल सरकारी स्कूलों के लिए नहीं है बल्कि जनपद के सभी प्राइवेट और मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी समान रूप से लागू होगा. आदेश में साफ कहा गया है कि चाहे स्कूल सीबीएसई बोर्ड का हो या आईसीएसई, यूपी बोर्ड हो या इंटरनेशनल बोर्ड, सभी को इस नए समय का कड़ाई से पालन करना होगा. परिषदीय, राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए भी यह निर्देश अनिवार्य कर दिए गए हैं ताकि पूरे जिले में एक जैसी व्यवस्था बनी रहे. अगर कोई भी स्कूल इस आदेश की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

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अगले आदेश तक जारी रहेगी यह व्यवस्था

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों के समय में किया गया यह बदलाव 27 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा और अगले आदेश तक इसी तरह लागू रहेगा. जब तक मौसम में सुधार नहीं होता और गर्मी का प्रकोप कम नहीं होता तब तक बच्चों को इसी शेड्यूल के हिसाब से स्कूल आना और जाना होगा. अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि दोपहर की तेज लू में बच्चों को स्कूल से लाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था. जिला प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे भी बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जा सकते हैं.

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