Free Food in Vrindavan: श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन में रोजाना लाखों भक्त प्रभु के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। आलम ये है कि शनिवार-रविवार को भारी भीड़ की वजह से कई बार प्रशासन के हाथ-पैर फूल जाते हैं। हालांकि भक्तों की यही भीड़ वृंदावन के माहौल और त्योहार की रंगत में चार-चांद भी लगा देती है। भक्तों के लिए वृंदावन में कई सुख-सुविधाएं मौजूद हैं। एक से एक फाइव स्टार होटल और रेस्टोरेंट खुले हुए हैं, लेकिन कई जगह ऐसी भी हैं जहां आपको शुद्ध सात्विक खाना फ्री में मिल जाएगा। आइए जानते हैं कि वृंदावन में आपको कहां-कहां निशुल्क भोजन मिल सकता है।
वृंदावन में कई जगह सुबह और रात को निशुल्क भोजन मिलता है। प्रसाद के रूप में भक्तों को ये खाना दिया जाता है। एक ऐसी ही जगह है श्री जी की रसोई। अटल्ला चुंगी के पास स्थित श्री जी रसोई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। बृज तीर्थ यात्रियों के लिए निशुल्क भोजन प्रसाद के लिए बनाई गई इस विशाल रसोई में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे और शाम 7 से 9 बजे तक निशुल्क भोजन मिलता है। यहां आपको दाल, चावल, रोटी और सब्जी मिलती है। श्री जी रसोई में सिर्फ एक दिन का अवकाश होता है। यह अवकाश एकादशी पर रहता है।

चना पूआ आश्रम 

वृंदावन धाम में गौशाला नगर में चना पूआ आश्रम स्थित है। यहां आपको सुबह से ही चाय नाश्ते के साथ पूआ सब्जी का प्रसाद मिलता है। सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक समय-समय पर पूआ सब्जी, चाय पकौड़ी और सब्जी पूड़ी का प्रसाद दिया जाता है।

गौरी गोपाल आश्रम 

गौरी गोपाल आश्रम में भी आपको निशुल्क भोजन मिलेगा। यह आश्रम वृंदावन परिक्रमा रोड पर स्थित है। यहां आपको सुबह 8 बजे से ही खाना मिलना शुरू हो जाता है। जिसे पूरे दिन परोसा जाता है। इसके अलावा वृंदावन में आपको कई जगह सड़क किनारे सब्जी-पूड़ी का प्रसाद मिल जाएगा। कई धर्मावलंबी यहां प्रसाद वितरित करते हैं। ये भी पढ़ें: YEIDA Plot Scheme 2024: इंतजार हुआ खत्म, इस तारीख को निकलेगा 361 रेजिडेंशियल प्लॉट का लकी ड्रॉ

यहां मिलता है बजट फ्रेंडली भोजन

निशुल्क भोजन के साथ ही अगर बजट फ्रेंडली सुविधा की बात करें तो केसीघाट के पास परिक्रमा रोड पर जगन्नाथ रसोई में आप महज 20 रुपये में खाना खा सकते हैं। इसमें आपको रोटी, दाल और चावल मिलता है। कई बार मिठाई के रूप में प्रसाद भी दिया जाता है। इस रसोई का समय सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 और शाम को 6:30 से 9:30 बजे तक रहता है। ये भी पढ़ें: गुफा में 3 दिन से फंसे जवान, बाहर 4 फुट मोटी बर्फ की चादर… कंपकंपी छुड़ा देगी रेस्क्यू की ये कहानी