हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

कौन बनेगा राम मंदिर का पहला CEO? सिलेक्शन कमेटी ने 5585 आवेदनों में से ट्रस्ट को सौंपे 3 नाम; जल्द हो सकता है ऐलान

न्यायमूर्ति कोहली ने अयोध्या में पत्रकारों से चयन प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘हमने तीन सदस्यों का एक पैनल बनाया है, जिसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें हम सबसे अच्छा मानते हैं. वे लोग जो समर्पित हैं और काम करने के लिए तैयार हैं.

विज्ञापन
5,585 आवेदनों की समीक्षा के बाद, 16 उम्मीदवारों के साथ विस्तृत चर्चा की गई. Photo: ANI

राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए गठित समिति श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तीन नामों की सूची सौंप सकती है, मंदिर के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मणिराम दास छावनी स्थित आवास पर बुधवार को होने वाली बैठक में मंदिर के पहले सीईओ के चयन पर फैसला होने की संभावना है. चयन समिति के सदस्य सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और विशेषज्ञ सदस्य सुरेश हावरे अयोध्या पहुंच चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में बताया, ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की व्यापक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित प्रक्रिया पूरी हो गई है.’

पद के लिए आए थे 5,585 आवेदन

पोस्‍ट के मुताबिक, ‘5,585 आवेदनों की समीक्षा के बाद, 16 उम्मीदवारों के साथ विस्तृत चर्चा की गई. मंगलवार को चयन समिति ने ट्रस्ट को तीन अत्यधिक योग्य उम्मीदवारों की अंतिम सूची सौंप दी। अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट द्वारा की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, बुधवार को ट्रस्ट में तीन रिक्त पदों-(दो सदस्यों और महासचिव)-के लिए भी नामों की घोषणा की जा सकती है. ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन तथा चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बाद मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे से ये तीन पद रिक्त हुए हैं.

यह भी पढ़ें: ‘राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर हो रही बैठक को पुलिस ने रोका…’, संतों ने लगाए आरोप

विज्ञापन

मंदिर ट्रस्ट की बुधवार को होगी बैठक

सूत्रों के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली बैठक में सचिव पद के बारे में भी आधिकारिक घोषणा की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि जगदीश आफले मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे. महाराष्ट्र के रहने वाले आफले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं और राम मंदिर निर्माण परियोजना के परियोजना प्रबंधक हैं. पुणे निवासी आफले ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-(आईआईटी) बंबई से एमटेक किया है. बताया जाता है कि उन्होंने भारत, यूरोप और अमेरिका में काम किया तथा सेवानिवृत्ति के बाद भारत लौट आए.

ट्रस्ट में शामिल हो सकते हैं बजरंग लाल

सूत्रों के मुताबिक, आफले ने आरएसएस की सिफारिश पर राम मंदिर निर्माण परियोजना में मानव परियोजना प्रबंधक के रूप में काम शुरू किया था. तब से वह अपनी पत्नी के साथ अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में रह रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा को भी ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है. मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि से जब पूछा गया कि क्या बुधवार को नए सीईओ के नाम की घोषणा होगी, तो उन्होंने कहा, ‘यह ट्रस्ट को तय करना है. मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा, लेकिन ट्रस्टी बोर्ड यह फैसला करेगा कि ऐसा करना है या नहीं.’

विज्ञापन

गिरि ने कहा, ‘हमने इस तीन सदस्यीय चयन समिति से मार्गदर्शन इसलिए मांगा था क्योंकि हम इतने बड़े और विश्व प्रसिद्ध मंदिर का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए एक उत्कृष्ट सीईओ की तलाश में थे.’ उन्होंने बताया कि समिति को करीब 5,500 आवेदन मिले थे. पहले 3,000 आवेदनों को छांटा गया, फिर 1,500 उम्मीदवारों को सूची में रखा गया और अंत में 16 लोगों का व्यक्तिगत रूप से साक्षात्कार लिया गया. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने छह जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने का फैसला किया था.

यह भी पढ़ें: चंपत राय का 9 पेज का लेटर वायरल, किए राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े बड़े खुलासे, जानें क्या कहते हैं पूर्व महासचिव?

विज्ञापन

ट्रस्ट ने स्वीकार किया था कि चढ़ावे की चोरी से उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है. श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल करने का संकल्प लेते हुए ट्रस्ट ने सीईओ के चयन के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति गठित की थी. इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रदीप कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावरे शामिल हैं. इस बीच, अयोध्या में राम मंदिर के लिए सीईओ चुनने वाली तीन सदस्यों की टीम के प्रमुख, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने मंगलवार को भरोसा जताया कि उनके चुने गए तीन लोग ‘सबसे अच्छे’ और ‘समर्पित’ हैं, जिनके पास ‘एक दृष्टिकोण है’ और जो ‘मुद्दों को समझते हैं’.

न्यायमूर्ति कोहली ने अयोध्या में पत्रकारों से चयन प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘हमने तीन सदस्यों का एक पैनल बनाया है, जिसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें हम सबसे अच्छा मानते हैं. वे लोग जो समर्पित हैं और काम करने के लिए तैयार हैं, जिनके पास एक दृष्टिकोण है और जो मौजूदा मुद्दों को समझते हैं. हम पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष है. अब ट्रस्ट तय करेगा कि इन तीन लोगों में से कौन सीईओ के तौर पर काम करेगा.’

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola