कथा कराने में शामिल रेनू तिवारी के पति जय प्रकाश तिवारी। instagram
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Etawah Mukut Mani Yadav, Sant Yadav Case: इटावा में कथावाचकों से बदसलूकी मामले में अब दोनों कथावाचकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों के खिलाफ ये केस कथा कराने में शामिल रेनू तिवारी के पति जय प्रकाश तिवारी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। जय प्रकाश तिवारी ने आरोप लगाया था कि कथावाचक ने उनकी पत्नी का हाथ पकड़कर पूजा करवाई। इस पर टोका गया तो उन्होंने कहा कि हम तो भागवताचार्य हैं, हमारे तो लोग पैर छूते हैं। इससे पहले 25 जून को विश्व यादव परिषद संगठन ने उन्हें सम्मानित किया।
समाजवादी पार्टी कार्यालय लखनऊ में अखिलेश यादव ने कथावाचक और उनके सहयोगियों को बुलाकर कथा सुनी और फिर उन्हें सम्मानित किया। समारोह में मुकुट मणि यादव और संत यादव ने अपने शैक्षणिक और आध्यात्मिक सफर को साझा किया। संत यादव ने बताया कि वे सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल के अध्यापक रहे हैं, जहां शिक्षकों को ‘आचार्य’ कहा जाता है। वहीं से मुझे आचार्य की पहचान मिली।”
कौन है रेनू तिवारी?
इटावा में भागवत कथा में शामिल होने हरिद्वार से आए जय प्रकाश तिवारी की पत्नी का नाम रेनु तिवारी है। कथा में शामिल रोते हुए जय प्रकाश तिवारी ने कहा था कि कथावाचक ने हमारी पत्नी से बदसलूकी की और धमकी दी कि समाजवादी पार्टी के मुखिया से हमारे अच्छे संबंध हैं, हम तुम्हें घर से उठा लेंगे। हम तो यहां रहते भी नहीं हैं, हरिद्वार रहते हैं। अब अगर यह सब करेंगे तो बच्चे कैसे पालेंगे? हम तो भागवत में आए थे, सपा-बसपा नहीं कर सकते। हमारे घर में गुंडे घुसेंगे तो कौन हमारी मदद करेगा?
बातचीत में भावुक हुए संत यादव
वहीं, बातचीत के दौरान भावुक हुए संत यादव ने कहा, “जो हमारे साथ बीते दिनों हुआ, वो दिल तोड़ देने वाला था। इस अपमान को कभी नहीं भूल पाएंगे।” गौरतलब है कि दोनों ने आरोप लगाया था कि कथा करवाने वालों ने उनसे जाति पूछकर मारपीट की गई और अभद्रता की गई। उन्होंने एसएसपी ऑफिस जाकर कार्रवाई की अपील की। इसके साथ ही उनके साथ हुए व्यवहार का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
इटावा में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल
इटावा में कथावाचकों के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में भारतीय किसान यूनियन, समाजवादी छात्र सभा और यादव महासभा ने कचहरी परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ब्राह्मण महासभा ने एसपी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कथावाचकों पर महिला से छेड़खानी का आरोप है, जिससे विवाद शुरू हुआ। महासभा ने मांग की कि कार्रवाई सिर्फ एक पक्ष पर न हो, यादव पक्ष पर भी होनी चाहिए। फिलहाल, पुलिस ने पूरी घटना की जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कथावाचक के दो आधार कार्ड की जांच शुरू
इससे पहले कथावाचक मुकुटमणि के दो आधारकार्ड सामने आने पर जांच शुरू हो गई है। 2022 में बने दोनों आधार कार्ड में नंबर और फोटो सेम लेकिन नाम अलग-अलग है। 28 मार्च 2022 को जारी हुए पहले आधार कार्ड में नाम मुकुट मणी अग्निहोत्री है, जबकि 10 अक्तूबर 2022 को जारी हुआ दूसरा कार्ड मुक्त सिंह नाम से है। एक ही साल में दो अलग-अलग आधार कार्ड को लेकर बवाल मचा हुआ है। पहले वाले आधार कार्ड के अनुसार कथावाचक ब्राहाण है लेकिन दूसरे वार्ड आधार कार्ड में उसकी जाति का उल्लेख नहीं है। फिलहाल प्रशासन ने उसके आधार कार्ड की जांच शुरू कर दी है।
जो कुछ हुआ वो ठीक नहीं था
उधर पीड़ित महिला रेनू तिवारी ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि कथावाचक ने हमारी उंगली पकड़कर हमारे साथ बदतमीजी की। इस दौरान वहां जब इनकी सच्चाई सामने आई तो यह घटना हो गई। पीड़ित महिला और उनके पति जयप्रकाश तिवारी ने कहा कि जो कुछ हुआ वह ठीक नहीं था। हम इसकी निंदा करते हैं लेकिन छेड़खानी की जांच होनी चाहिए। कथावाचकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।