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भड़कीले कपड़ों और शॉर्ट्स में 'नो एंट्री', प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर में लागू हुआ ड्रेस कोड

स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया है. उनका मानना है कि मंदिर आस्था और भक्ति का स्थान है, न कि घूमने-फिरने की जगह, इसलिए वहां शालीन वेशभूषा में जाना ही उचित है.

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड सहित कई कड़े नियम लागू हो गया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब मंदिर परिसर में महिलाओं को भड़कीले कपड़ों और शॉर्ट्स में एंट्री नहीं मिलेगी. मंदिर प्रशासन का कहना है कि ये फैसला श्रद्धालुओं के मन के भटकाव को रोने और पूजा-पाठ का पूर्ण फल दिलाने के उद्देश्य से लिया गया है. आपको बता दें कि प्रयागराज का मनकामेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु अपनी आस्था और पूजन के लिए आते हैं. मंदिर प्रशासन के इस फैसले पर अब लोगों को मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है.

मंदिर परिसर में लगाए गए निर्देश बोर्ड में क्या लिखा है?

  • रुद्राभिषेक करते समय पुरुष को धोती पहनना और महिलाओं को साड़ी या सूट पहनना अनिवार्य है.
  • मंदिर पवित्र साधना स्थल है, यहां नर-नारी भक्तिभाव से प्रवेश करें.
  • महिलाएं व युवतियां छोटे तथा भड़कीले कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश न करें.
  • महिला व युवतियां शालीन कपड़ों में पूरा तन ढककर मंदिर में प्रवेश करें.
  • छोटे कपड़ें पहनकर आने वाली महिलाओं व युवतियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
  • सोना-चांदी के ज्यादा आभूषण पहनकर मंदिर में न आएं, क्योंकि उससे छिनौती का खतरा रहता है.
  • पुरुष वो युवक भी शालीन कपड़ों में मंदिर में प्रवेश करें, शिवलिंग के पास अधिक देर तक न बैठें. पूजन करने के बाद तत्काल बाहर निकलें.
  • मंदिर परिसर में सेल्फी लेना, फोटो खींचना मना है.
  • पॉलीथीन, प्लास्टिक का उपयोग न करें, प्लास्टिक की गिलास में दूध-जल नहीं चढ़ाना चाहिए. इससे पूजन का कोई फल प्राप्त नहीं होता.
  • मंदिर परिसर में गुटका पान खाना सर्वथा वर्जित है. मंदिर को साफ रखने में हमारी सहायता करें.

यह भी पढ़ें: Toll Tax New Update: उतराखंड में टोल टैक्स पर बड़ा फैसला, इस शहर में एंट्री के लिए लोगों-टूरिस्टों को देने होंगे पैसे

श्रद्धालुओं ने किया समर्थन


स्थानीय श्रद्धालु बबिता पांडेय समेत कई भक्तों ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया है. उनका मानना है कि मंदिर आस्था और भक्ति का स्थान है, न कि घूमने-फिरने की जगह, इसलिए वहां शालीन वेशभूषा में जाना ही उचित है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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