मुख्य जानकारी:

  • न्यू नोएडा को 210 वर्ग किलोमीटर के दायरे में एक बड़े औद्योगिक और आवासीय केंद्र के रूप में बसाया जा रहा है.
  • इस नए स्मार्ट सिटी परियोजना में गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के करीब 80 गांवों की जमीन शामिल होगी.
  • पहले चरण के विकास कार्य के लिए प्रशासन द्वारा प्रारंभिक तौर पर 37 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.
  • बुलंदशहर की तरफ से 20 किलोमीटर की नई लिंक रोड बनाकर इस शहर को गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक किया जाएगा.
  • भविष्य के यातायात को ध्यान में रखते हुए न्यू नोएडा को नमो भारत और बुलेट ट्रेन जैसी हाई-स्पीड रेल से जोड़ा जाएगा.

दिल्ली-एनसीआर वालों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है. 'न्यू नोएडा' (दादरी नोएडा गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन - डीएनजीआईआर) नाम से एक बेहद आधुनिक और भव्य स्मार्ट सिटी बसाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. दिल्ली-एनसीआर मास्टर प्लान 2041 के तहत तैयार हो रहा यह हाईटेक शहर आने वाले समय में देश का सबसे बड़ा आवासीय और औद्योगिक हब बनने जा रहा है. लगभग 210 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैले न्यू नोएडा को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे यहाँ व्यापार और रोजगार की अपार संभावनाएं पैदा होंगी.

न्यू नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की क्या योजना है?

न्यू नोएडा को उत्तर प्रदेश के सुदूर पूर्वी हिस्सों से जोड़ने के लिए नोएडा प्राधिकरण इसे 594 किलोमीटर लंबे भव्य गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक करने की बड़ी तैयारी में जुटा हुआ है. इसके लिए बुलंदशहर की तरफ से लगभग 20 किलोमीटर लंबी एक नई लिंक रोड का निर्माण किया जाएगा. इस लिंक रोड के बन जाने से न्यू नोएडा से प्रयागराज और अन्य शहरों का सफर बेहद आसान हो जाएगा. इस पूरी सड़क के निर्माण को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है.

न्यू नोएडा का कुल क्षेत्रफल कितना होगा?

भविष्य के इस नए औद्योगिक और आवासीय शहर का कुल दायरा लगभग 210 वर्ग किलोमीटर के बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ रहने वाला है. इस महापरियोजना के विकास के लिए गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और बुलंदशहर जिले के लगभग 80 गांवों को पूरी तरह से न्यू नोएडा का हिस्सा बनाया जाएगा. जमीन जुटाने के लिए प्रशासन द्वारा पहले चरण के मास्टर प्लान के तहत शुरुआत में 37 गांवों की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसे दिल्ली-एनसीआर मास्टर प्लान 2041 का सबसे प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है.

दिल्ली-एनसीआर के अन्य शहरों में आवाजाही कैसे सुगम होगी?

न्यू नोएडा की भौगोलिक स्थिति ऐसी चुनी गई है जिससे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) के जरिए इसकी कनेक्टिविटी बहुत अधिक मजबूत हो सके. दादरी के पास स्थित बील अकबरपुर गांव में बने बड़े इंटरचेंज के माध्यम से वाहन चालक इस एक्सप्रेसवे पर सीधे चढ़ सकेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को दिल्ली के भारी ट्रैफिक में फंसे बिना ही गाजियाबाद, सोनीपत, बागपत, पलवल और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के अन्य महत्वपूर्ण शहरों तक आने-जाने के लिए एक बिल्कुल सीधा और सुगम रास्ता मिल जाएगा.

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यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधा जुड़ाव

इस नए स्मार्ट सिटी का दक्षिणी छोर सीधे यमुना एक्सप्रेसवे को छुएगा. यह कनेक्टिविटी न्यू नोएडा को न केवल जेवर में बन रहे अत्याधुनिक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ेगी, बल्कि अलीगढ़, मथुरा और आगरा जैसे उत्तर प्रदेश के बड़े व्यावसायिक शहरों तक भी सीधी पहुंच प्रदान करेगी. इसी रास्ते के जरिए न्यू नोएडा का सारा कमर्शियल ट्रैफिक सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेगा. भविष्य में इस शहर की रफ्तार को बढ़ाने के लिए इसे हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन और बुलेट ट्रेन नेटवर्क से भी जोड़ने का बड़ा प्रस्ताव है.

न्यू नोएडा (DNGIR) प्रोजेक्ट के मुख्य कनेक्टिविटी फीचर्स (Table):

कनेक्टिविटी का माध्यमकुल दूरी / लिंक प्लानजोड़ने वाले प्रमुख क्षेत्र (Entities)शहर को मिलने वाला मुख्य फायदा
गंगा एक्सप्रेसवे लिंक20 किलोमीटर लंबी लिंक रोडबुलंदशहर से होकर मुख्य एक्सप्रेसवे तकउत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों से सीधा और तेज संपर्क
ईस्टर्न पेरिफेरल (EPE)बील अकबरपुर गांव इंटरचेंजगाजियाबाद, सोनीपत, बागपत, पलवल, गुरुग्रामदिल्ली के जाम में फंसे बिना बाईपास सफर की सुविधा
यमुना एक्सप्रेसवेदक्षिणी सीमा से सीधा जुड़ावजेवर एयरपोर्ट, अलीगढ़, मथुरा, आगरा शहरएयरपोर्ट तक आसान पहुंच और औद्योगिक माल की सुगम सप्लाई

निष्कर्ष:

न्यू नोएडा आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर के विकास की नई लाइफलाइन साबित होने वाला है. गंगा एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल और जेवर एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी सुविधाओं से लैस यह शहर न केवल भारी निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर रहन-सहन के नए द्वार भी खोलेगा.