Cracks On Lucknow Kanpur Expressway: यूपी में हाल ही में शुरू हुए लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर सवाल उठने लगे हैं. जनता के लिए आधिकारिक तौर पर खुलने के सिर्फ 12 दिन बाद ही, भारी बारिश के कारण सड़क के एक हिस्से में दरारें आ गईं. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इसी महीने खुला था एक्सप्रेसवे
4200 करोड़ रुपये के इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन 13 जुलाई को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया था. इस एक्सप्रेसवे को एक बड़े कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया गया था, जिससे लखनऊ और कानपुर के बीच सफर बेहतर होने की उम्मीद थी.
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समाजवादी पार्टी नेता ने दिखाया था क्रैक
हालांकि 25 जुलाई को ऐसी खबरें आईं कि उन्नाव जिले के कोरारी गांव के पास एलिवेटेड सड़क का एक हिस्सा थोड़ा धंस गया है. इससे नए बने एक्सप्रेसवे की मजबूती और निर्माण के मानकों को लेकर चिंताएं पैदा हो गईं. समाजवादी पार्टी के नेता मधुसूदन यादव ने सोशल मीडिया पर घटनास्थल का एक वीडियो शेयर किया. उन्होंने दावा किया कि बारिश के बाद एक्सप्रेसवे का 5 से 7 मीटर का हिस्सा धंस गया. उनके मुताबिक जब वो इस रास्ते से गुजर रहे थे, तब उन्हें यह नुकसान दिखाई दिया.
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मधुसूदन ने लगाया आरोप
मधुसूदन यादव ने सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की ओर इशारा करते हुए कहा, 'मैं लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर रहा था और जब मैं कोरारी पहुंचा, तो मैंने देखा कि बारिश के बाद सड़क में दरारें आ गई थीं.'इस घटना ने कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी, प्रोजेक्ट के सुपरविजन और एक्सप्रेसवे के काम के दौरान अपनाई गई जांच प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यादव ने ये चिंता भी जताई कि अगर तुरंत सुधार के उपाय नहीं किए गए, तो ये दरारें यात्रियों के लिए सुरक्षा का गंभीर खतरा बन सकती हैं. उन्होंने प्रोजेक्ट के काम में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया.
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(Photo-Madhusudan Yadav)
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NHAI ने की मरम्मत
वीडियो के वायरल होने और लोगों का ध्यान इस तरफ जाने के बाद, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्से की मरम्मत का काम पूरा कर दिया. इस घटना के बाद नुकसान का कारण पता लगाने और ये सुनिश्चित करने के लिए कि सड़क जनता के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है, कड़ी जांच की मांग तेज हो गई है.
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