पिता रात में गार्ड, दिन में पेंटर का करते हैं काम, बेटे ने हाईस्कूल में किया जिला टॉप

बुलंदशहर के छात्र छायांक ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में 94.17% अंक लाकर जिला टॉप किया है। उसके पिता दिन-रात मेहनत करते हैं दिन में पेंटर और रात में गार्ड की नौकरी। छायांक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। जिले का कुल परिणाम 90.95% रहा जिसमें कई प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं सामने आए।

पिता रात में गार्ड, दिन में पेंटर का करते हैं काम, बेटे ने हाईस्कूल में किया जिला टॉप

शाहनवाज़ चौधरी

बुलंदशहर के एक साधारण परिवार का बेटा छायांक आज जिले का हीरो बन गया है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में छायांक ने 94.17% अंक लाकर टॉप किया है। खास बात ये है कि उसके पिता दिन में पेंटर और रात में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। तंगहाली और मेहनत के बीच पढ़ाई कर छायांक ने ये बड़ा मुकाम हासिल किया है। उसका कहना है कि यह सफलता उसके माता-पिता और गुरुजनों की देन है।

पिता की दोहरी मेहनत बनी बेटे की ताकत

छायांक के पिता सोहनपाल दिन में पेंटिंग का काम करते हैं और रात को सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी निभाते हैं। चार बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाने के लिए उन्हें दोहरी मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन उन्होंने कभी बेटे की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। छायांक बताते हैं कि पापा की मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

छायांक बना जिले का टॉपर

विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र छायांक ने हाईस्कूल में कुल 600 में से 565 अंक हासिल किए हैं। गणित में उसने पूरे 100 में 100 अंक प्राप्त किए। वह बुलंदशहर जिले का टॉपर बना है। डीआईओएस विनय कुमार ने बताया कि इस बार जिले का रिजल्ट 90.95% रहा जो पिछले साल से बेहतर है।

मां ने निभाई घर की जिम्मेदारी, बेटे ने जीता दिल

छायांक की मां लाली देवी हाउसवाइफ हैं। उन्होंने हमेशा बेटे का हौसला बढ़ाया और पढ़ाई के लिए पूरा माहौल दिया। छायांक ने बताया कि मां ने कभी उसे किसी काम में नहीं डाला हमेशा कहा, “तू बस मन लगाकर पढ़ाई कर।” आज बेटा टॉपर बना है तो मां की आंखों में आंसू और चेहरे पर गर्व है।

छायांक बोले, नियमित पढ़ाई और मेहनत से मिली सफलता

छायांक का कहना है कि उसने हर दिन तय समय पर पढ़ाई की कभी भी पढ़ाई को टाला नहीं। मोबाइल और टीवी से दूरी बनाई। स्कूल के शिक्षकों और माता-पिता से मिले मार्गदर्शन का पूरा पालन किया। उसने बताया कि वह आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहता है और अपने पापा की मेहनत का रिवॉर्ड देना चाहता है। इसके अलावा दूसरे स्थान पर डिबाई की वन्या सिंह रहीं जिन्होंने 562 अंक प्राप्त किए। वहीं, तीसरे नंबर पर सिकंदराबाद के कनिष्क सैनी रहे जिन्हें 560 अंक मिले। इस साल कुल 47,355 छात्रों ने हाईस्कूल परीक्षा दी जिनमें 25,789 लड़के और 21,566 लड़कियां शामिल थीं।

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