यूपी चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका, पूर्व MLA कुशाग्र सागर ने छोड़ी पार्टी, फेसबुक पर लिखी भावुक पोस्ट
उत्तर प्रदेश में BJP को एक और बड़ा सियासी झटका लगा है. आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के बाद अब बदायूं की बिसौली सीट से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने 11 साल तक सेवा के बावजूद उपेक्षा और सम्मान न मिलने का दर्द बयां किया.
बदायूं जिले की बिसौली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने भी भाजपा से नाता तोड़ लिया है. credit: Facebook ( Kushagra Sagar )
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मियों के बीच BJP को बदायूं और रुहेलखंड क्षेत्र में लगातार दूसरा बड़ा झटका लगा है. हाल ही में आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के पार्टी छोड़ने के बाद अब बदायूं जिले की बिसौली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने भी भाजपा से नाता तोड़ लिया है. कुशाग्र सागर ने 21 अक्टूबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा देने का ऐलान किया. पार्टी छोड़ने के बाद कुशाग्र सागर ने फेसबुक पर एक लंबी और भावुक पोस्ट लिखकर अपनी व्यथा साझा की.
कुशाग्र सागर ने फेसबुक पर लिखा कि किसी भी संगठन में 11 वर्षों तक पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से जुड़े रहना सिर्फ एक राजनीतिक जुड़ाव नहीं, बल्कि भावनात्मक रिश्ता होता है. उन्होंने हर परिस्थिति में संगठन को परिवार मानकर अपना 100% दिया, लेकिन इतने वर्षों की मेहनत के बदले उन्हें अपेक्षित सम्मान और अपनापन नहीं मिला. उन्होंने आगे लिखा कि यह पीड़ा किसी पद या प्रतिष्ठा के न मिलने की नहीं है, बल्कि उस मान-सम्मान और भरोसे के टूटने की है जिसे इंसान वर्षों तक दिल में संजोकर रखता है. हालांकि, उन्होंने पार्टी में मिले अवसरों और अनुभवों के लिए आभार भी जताया.
कौन हैं कुशाग्र सागर?
आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के बाद अब बदायूं के बिसौली से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर के इस्तीफे को रुहेलखंड इलाके से BJP के लिए झटका माना जा रहा है. कुशाग्र सागर उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की राजनीति में एक जाना-पहचाना युवा चेहरा हैं. वह एक सियासी पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखते हैं और क्षेत्र के कद्दावर दलित नेता व पूर्व विधायक योगेंद्र सागर के बेटे हैं.कुशाग्र सागर साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बदायूं की बिसौली (सुरक्षित) सीट से BJP के टिकट पर चुनाव जीते थे. 2022 के चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वे मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे.
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हाल ही में आंवला के कद्दावर नेता धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा है. ऐसे में कुशाग्र सागर के अचानक इस्तीफे के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भी जल्द समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, जिससे बदायूं के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं.