Mayawati On UCC: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की धारा 44 में UCC बनाने का प्रयास तो वर्णित हैं मगर इसे थोपने का नहीं है। इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ही भाजपा को देश में UCC को लागू करने के लिए कोई कदम उठाना चाहिए था। हमारी पार्टी UCC को लागू करने के खिलाफ नहीं है बल्कि भाजपा और इनकी सरकार द्वारा इसे देश में लागू करने के तरीके से सहमत नहीं है। मायावती ने कहा कि यूसीसी लागू होने से देश मजबूत होगा और भारतीय एकजुट होंगे। इससे लोगों में भाईचारे की भावना भी विकसित होगी। यूसीसी को जबरदस्ती लागू करना ठीक नहीं है, इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने से देश में भेदभाव पैदा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को फिलहाल महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बता दें कि मायावती का बयान 3 जुलाई को समान नागरिक संहिता पर संसदीय स्थायी समिति की चर्चा से पहले आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार संसद के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने पर विधेयक पेश कर सकती है। विधेयक को संसदीय स्थायी समिति को भेजा जा सकता है जो समान नागरिक संहिता पर विभिन्न हितधारकों के विचार सुनेगी।

पीएम मोदी ने भोपाल में यूसीसी पर जोर दिया

पिछले मंगलवार को पीएम मोदी ने भोपाल में भाजपा के एक कार्यक्रम में सभी समुदायों के लोगों के लिए समान कानूनों की जोरदार वकालत की और दावा किया कि संवेदनशील मुद्दे पर मुसलमानों को उकसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यूसीसी की वकालत की है, लेकिन वोट बैंक की राजनीति करने वाले इसका विरोध कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा और पूछा कि देश में दो प्रणालियां कैसे हो सकती हैं?