उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक थाने के परिसर में उस समय भावुक कर देने वाला पल सामने आया, जब पारिवारिक विवाद को लेकर समझौते के लिए पहुंची एक गर्भवती महिला ने वहीं बच्चे को जन्म दे दिया. महिला करीब सात माह की गर्भवती थी और अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद पुलिस थाने में ही उसकी डिलीवरी करानी पड़ी. घटना के बाद पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और जच्चा-बच्चा को चिकित्सकीय सहायता के लिए अस्पताल भेजा गया.
जानकारी के मुताबिक, महिला अपने पारिवारिक विवाद को लेकर थाने पहुंची थी. मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौते की प्रक्रिया चल रही थीत. इसी दौरान गर्भवती महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
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स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने तुरंत महिला की मदद के लिए जरूरी इंतजाम किए. स्थिति को देखते हुए पुलिस अलर्ट थी और महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इस बीच प्रसव पीड़ा बढ़ने के कारण महिला ने थाने के परिसर में ही बच्चे को जन्म दिया. वहीं, बच्चा सात माह में ही पैदा हुआ है और वह प्रीमेच्योर है तो इसलिए उसे विशेष देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
क्या है विवाद?
मिली जानकारी के अनुसार, सुबेहा की रहने वाली युवती का उसी कस्बे के एक युवक से प्रेम संबंध था. दोनों के बीच लंबे समय से संबंध होने की बात सामने आई, जिसके बाद युवती गर्भवती हो गई. परिवार ने कुछ समय पहले उसकी शादी कोठी क्षेत्र में कर दी थी. शादी के बाद जब ससुराल पक्ष को उसकी गर्भावस्था की जानकारी हुई तो दोनों परिवारों के बीच विवाद खड़ा हो गया.
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मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई. इसके बाद यह सहमति बनी कि युवती के प्रसव और उससे जुड़े खर्च की जिम्मेदारी उसके प्रेमी और उसका परिवार उठाएगा. इसी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को युवती अपने पति, प्रेमी और दोनों परिवारों के सदस्यों के साथ सुबेहा थाने पहुंची थी.
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समझौते के दौरान हुई प्रसव पीड़ा
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और तय रकम का लेन-देन भी पूरा कर लिया गया. इसी दौरान अचानक युवती को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. स्थिति संभलने से पहले ही उसने थाने के परिसर में एक बच्चे को जन्म दिया. घटना के बाद थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत ही महिला और नवजात को अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का इलाज शुरू हो गया है. थाने में मौजूद लोगों के लिए भी यह घटना अप्रत्याशित थी. जिस समय पुलिसकर्मी पारिवारिक विवाद सुलझाने में लगे थे, उसी दौरान परिसर में बच्चे की किलकारी गूंज उठी.
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