उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां बैरिया तहसील में तैनात उप जिलाधिकारी (एसडीएम) आलोक प्रताप सिंह अपने ही पालतू कुत्ते के हमले का शिकार हो गए. यह घटना 5 मार्च को उनके सरकारी आवास पर हुई जब उनके पास मौजूद अमेरिकन बुल नस्ल के कुत्ते ने उन पर अचानक हमला बोल दिया. कुत्ता उनके पिता को परेशान कर रहा था और जब एसडीएम उन्हें बचाने के लिए बीच में आए, तो जानवर ने उनके दोनों हाथों को बुरी तरह चबा डाला. हमले में उनके हाथ इस कदर जख्मी हो गए कि चारों तरफ खून फैल गया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा.
हस्ताक्षर की जगह लगाया अंगूठा
एसडीएम आलोक प्रताप सिंह की चोट इतनी गंभीर थी कि उनके लिए पेन पकड़ना भी मुमकिन नही था. सरकारी कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) को मेडिकल लीव के लिए प्रार्थना पत्र लिखा. इस पत्र की सबसे खास बात यह थी कि हमेशा फाइलों पर दस्तखत करने वाले अधिकारी को अपने जख्मों की वजह से दस्तखत की जगह अंगूठा लगाना पड़ा. उन्होंने पत्र में साफ तौर पर लिखा कि कुत्ते के काटने से उनके दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हैं और वह आधिकारिक कागजों पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में नही हैं. अधिकारी का यह पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
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पिता को बचाने की कोशिश पड़ी भारी
एसडीएम ने बताया कि उनका पालतू कुत्ता अचानक हिंसक हो गया था और उनके पिता पर हमला करने की कोशिश कर रहा था. एक बेटे का फर्ज निभाते हुए उन्होंने अपने पिता को तो सुरक्षित बचा लिया, लेकिन खुद लहूलुहान हो गए. अमेरिकन बुल जैसी ताकतवर नस्ल के कुत्ते का हमला इतना घातक था कि एसडीएम को अब लंबे इलाज और आराम की जरूरत है. इस घटना ने पालतू जानवरों, खासकर आक्रामक नस्ल के कुत्तों को घरों में रखने की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर लोग अधिकारी की बहादुरी और उनकी मजबूरी भरे पत्र को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं.
छुट्टी के साथ मिला तबादला?
जिलाधिकारी ने एसडीएम की गंभीर हालत को देखते हुए न केवल उनकी छुट्टी मंजूर की, बल्कि प्रशासनिक कार्य में बाधा न आए इसके लिए बैरिया तहसील में उनकी जगह दूसरे अधिकारी की तैनाती भी कर दी. इस तरह छुट्टी के साथ ही उनका एक तरह से तबादला भी हो गया. आलोक प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने की बात पर हैरानी जताई है, लेकिन उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि पत्र में लिखी गई एक-एक बात पूरी तरह सच है. फिलहाल वह छुट्टी पर हैं और अपने जख्मों का इलाज करा रहे हैं. प्रशासन ने उनकी जगह नए अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप दी है ताकि जनता के काम न रुकें.