अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान की चोरी और हेरा-फेरी की पुलिस जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष जांच दल (SIT) और स्थानीय पुलिस ने आज आठों आरोपियों को घर और ठिकानों पर छपोमारी की। पुलिस मामले में पहले ही करीब 80 लाख की बरामदगी कर चुकी है। अब पुलिस को शक है कि अयोध्या में रामधाम स्थित स्वर्गद्वार मोहल्ले में रहने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, कौशलपूरी निवासी अनुकल्प मिश्र और रुदौली निवासी लवकुश मिश्रा समेत सभी 8 आरोपियों से और बरामदगी हो सकती है। इसलिए आज आरोपियों के घर पर पुलिस टीमों ने दबिश दी।

मनीष यादव के घर ताला लगा मिला

दान चोरी मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आज अयोध्या में ताबड़तोड़ छापेमारी हुई और अयोध्या की पुलिस हर आरोपी के घर तक पहुंची और हर जगह पर NEWS 24 की टीम मौजूद रही। इस दौरान एक-एक आरोपी के घर पुलिस की कार्रवाई देखी गई, जिसके अनुसार मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के घर के भीतर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। गली को भी पुलिस ने छावनी बनाया हुआ है। टिन्नू यादव के भतीजे मनीष यादव के पास अब तक सबसे ज्यादा कैश बरामद हुआ है, लेकिन इसके घर पर ताला लगा मिला। काफी देर तक पुलिस मनीष को घर को घेरकर खड़ी रही।

लवकुश मिश्रा का परिवार भी फरार

अनुकल्प मिश्रा के आवास पर पुलिस की छापेमारी चल रही है। अयोध्या हाईवे से सटी कॉलोनी में अनुकल्प ने हाल ही में अपना मकान बनाया, इसलिए पुलिस अनुक्लप की संपत्तियों की जांच भी करेगी। अविनाश शुक्ला के घर पुलिस फोर्स तैनात है और छापेमारी जारी है। लवकुश मिश्रा का परिवार किराए के मकान पर ताला मारकर फरार है और लवकुश मिश्रा जेल में है। पुलिस करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के घर भी गई। इन सभी के ठिकानों को पुलिस बारीकी से खंगाल रही है, ताकि घोटाले से जुड़े सभी अहम सबूत जुटाए जा सकें और कोई भी सबूत छूटने न पाए।

मामले में जानें अब तक क्या-क्या हुआ?

7 जून को राम मंदिर दान घोटाला लोकल नेता के कारण पहली बार चर्चा में आया। फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पोस्ट लिखकर खलबली मचाई। चंपत राय ने वीडियो संदेश जारी करके आरोपों का खंडन करने की कोशिश की। 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए लखनऊ कमिश्नर ने नेतृत्व में 3 सदस्यीय विशेष जांच दल यानी का गठन किया। 15 जून को जांच दल अयोध्या पहुंचा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूछताछ करके मामले की जानकारी ली। दान की गणना से जुड़े कर्मचारियों से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की।

16 जून को दान की गणना से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए और श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से अलग-अलग पूछताछ की। ट्रस्ट के पिछले 11 महीनों के रिकॉर्ड और दस्तावेज चेक किए। 17 जून को बैंक अधिकारियों और नोट गिनने वाली प्राइवेट एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। बैंक स्टेटमेंट, जमा राशि और फाइनेंशियल रिकॉर्ड को मिलाया। 18 जून को ट्रस्ट मेंगर डॉ. अनिल मिश्रा और आरोपी टिन्नू यादव से सवाल-जवाब हुए। 19 जून को चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव, स्टेट बैंक की शाखा के प्रबंधक और कैशियर से पूछताछ की गई।

20 जून को आरोपियों और संदिग्ध लोगों के बैंक खातों की चेकिंग की गई। 23 जून को 6 दिन की जांच के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी गई। 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई। 26 जून को सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार करके 80 लाख रुपये बरामद किए गए। 27 जून को चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। 28 जून को गिरफ्तार आरोपियों के घर पुलिस के साथ राजस्व विभाग की टीम ने छापेमारी करके सबूत जुटाए।